टीम एबीएन, रांची। झारखंड में आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम के प्रथम चरण का शनिवार को समापन हो गया। इस मौके पर आज यह कार्यक्रम जिला के कुडू प्रखण्ड, कैरो प्रखण्ड, किस्को प्रखण्ड और नगर परिषद में आयोजित हुआ। इस अवसर पर वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव कुड प्रखण्ड के लावागाईं पंचायत और कैरो प्रखण्ड के गुड़ी पंचायत में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए।
लावागाई पंचायत में मंत्री डॉ उरांव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि अब हर मौके पर जब लोग एक दूसरे से मिलें तो जोहार ही करना है। पूर्व में भी लोग यहां के लोग एक दूसरे का अभिवादन जोहार से ही करते रहे हैं। अब इस संस्कार को झारखंड सरकार ने भी अपना लिया है। यह एक भाईचारे की निशानी है। सरकार में हमलोगों ने आने के पूर्व ही गरीबों के लिए काम करने की घोषणा की थी। आज गरीबों के लिए सरकार काम कर रही है। गांव के लोग उपेक्षित थे जबकि भारत की तरह झारखण्ड की भी आत्मा गांवों में बसती है। सभी वर्ग और उम्र के लोगों के लिए योजना हमलोगों ने तैयार की है जिसका लाभ आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम के तहत दिया जा रहा है। पहले लोगों को प्रखण्ड कार्यालयों में जाना पड़ता था किंतु अब वर्तमान सरकार में अधिकारी आपके घर-घर आकर योजनाओं का लाभ दे रहे हैं।
सावित्रीबाई फुले देश की पहली शिक्षिका थी जिन्होंने विद्यालय खोल कर पढ़ाने का कार्य किया। उनके योगदान के कारण आज झारखण्ड सरकार ने सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के अंतर्गत छात्राओं को पढ़ाई के लिए अनुदान दे रही है। जिन लोगों के पास पीला या लाल काडर् नहीं है उन्हें हमलोगों ने हरा राशन कार्ड देने का कार्य प्रारंभ किया है। डॉ उरांव ने अब तक बीते वित्तीय वर्ष में 15 लाख लोगों को हरा राशन कार्ड से जोड़ा जा चुका है। इस वित्तीय वर्ष में 5 लाख नये लाभुकों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। गरीबों के लिए धोती/लुंगी व साड़ी मात्र 10 रुपये में दिया जा रहा है। सर्वजन पेंशन योजना के अंतर्गत 1 हजार रूपया प्रतिमाह पति-पत्नी दोनों को दिया जा रहा है।
इस सरकार द्वारा समय पर बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। रबी फसल के लिए चना, सरसों, राई, मसूर, गेहूं का बीज 90 प्रतिशत अनुदान पर वितरण किया जा रहा है। मजदूरों के लिए मनरेगा के तहत प्रत्येक गांव में पांच योजनाएं प्रारंभ की जा रही हैं। लोहरदगा जिला में 100 बेड का अस्पताल निर्माण की तैयारी की जा रही है। जल्द ही इसका शिलान्यास किया जायेगा। आदिवासियों के लिए सांस्कृतिक केंद्र अलग-अलग स्थानों पर बनाया जा रहा है। विधायक मद से अखरा निर्माण के लिए फण्ड दिया जा रहा है। बाघा ग्राम से होकर कोयल नदी पर पुल निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है।