टीम एबीएन, विष्णुगढ़ (हजारीबाग)। विस्थापित संघर्ष मोर्चा ने डीवीसी के आवास को लीज पर देने के मामले पर घोर आपत्ति और विरोध जताया है। इसे लेकर समिति के अध्यक्ष दिनेश्वर मंडल तथा महासचिव उत्कल चक्रवर्ती डीवीसी के चेयरमैन एवं मेंबर सेक्रेट्री के साथ साथ सभी भेली को पत्र का प्रतिलिपि दी गयी है। कहा कि डीवीसी परियोजना से प्रभावित व्यक्तियों के अलावा किसी अन्य को आवास एवं जमीन लीज पर देना घोर अन्याय है। कहा कि डीवीसी परियोजना के निर्माण के समय बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी पैतृक भूमि एवं आवास से विस्थापित हुए हैं जिन्हें सुविधा के नाम पर कुछ भी हासिल नहीं हुआ, तो वहीं निर्मित आवास किसी अन्य को एवं जमीन लीज पर दिया जा रहा है जो विस्थापितों के साथ अन्याय है। प्रबंधन ने विस्थापितों के साथ छलावा और आहत पहुंचाने वाली कदम है। इसका जोरदार विरोध होगा। कहा कि विस्थापितों को 68 साल बीत जाने के बाद भी आज तक मालिकाना हक नहीं मिला है जिसके चलते उन्हें सरकार की संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। विस्थापित बिजली सड़क पानी समेत मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी तरस रहे हैं। वही लीज पर डीवीसी आवास लेने वाले लोगो का मुफ्त पानी बिजली समेत सारी सविधा दिया जा रहा है। विस्थापितों के लिए इससे अधिक अन्याय और कुछ नहीं हो सकती।
बनासो विस्थापित नावाटांड़ निवासी सुरेश राम ने कहा कि डीवीसी अगर आवास को लीज पर देती है तो इसका पहला हक विस्थापित का बनता है। विस्थापित को आवास उपलब्ध नहीं कराया गया तो डीवीसी प्रबंधन के खिलाफ पुरजोर आंदोलन किया जायेगा। 2018 में आमरण अनशन लगातार चौथे दिन चली थी, इसमें लिखित समझौता हुआ था। लेकिन अभी तक लिखित समझौता पर अभी तक कोई अमल नहीं किया गया।