टीम एबीएन, हजारीबाग। कोर्रा थाना क्षेत्र के जबरा रोड स्थित बोध तालाब उर्फ सीढ़ी तालाब भू- माफिया के अतिक्रमण के बाद से गंदगी का ढेर बनकर रह गया है। एक तो उसमे मिट्टी की भराई कर दी गयी है ऊपर से तालाब में लगातार फेंकी जा रही गंदगी से पानी प्रदूषित हो गया है। इतना ही नहीं तालाब के आसपास हो रहे अतिक्रमण की वजह से वह अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। बता दें कि इन दिनों अमृत सरोवर के तहत तालाबों का निर्माण व जीर्णोद्धार कराया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद ज्यादातर तालाब अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं। सबसे गंभीर स्थिति बोध तालाब की है। तालाब के चारों ओर गंदगी पसरी हुई है। कुछ दिन पहले इस तालाब पर भू-मफियाओ की वक्र दृष्टि पड़ी थी जिसके बाद उनलोगो के द्वारा तालाब में मिटटी भरकर उसे बेचने का प्लान बना लिया गया था। स्थानीय ग्रामीणों के कम्प्लेन और अखबार में खबर छपने के बाद प्रशासन ने काम तो रुकवा दिया लेकिन तालाब की सफाई नहीं करायी। ग्रामीण कहते हैं कि इस तालाब में पिछले 100 वर्षों से छठ पर्व होता आया है। ये हमारी आस्था का सवाल है। यहां तालाब रहते हुए हमें कही और पर्व मनाने जाना होगा, क्या ये न्यायसंगत है। प्रशासन इसपर जल्द से संज्ञान ले और तालाब को साफ करवाए जिससे यहां के लोगों को पर्व मनाने में किसी तरह की असुविधा न हो।
क्या कहते हैं आरटीआई कार्यकर्ता चितरंजन : इस मामले पर चितरंजन प्रसाद गुप्ता सक्रिय आरटीआई कार्यकर्ता सह प्रदेश अध्यक्ष भारतीय नागरिक अधिकार रक्षा मंच और प्रदेश सचिव अजय गुप्ता ने उपायुक्त हजारीबाग को आवेदन देकर छठ पर्व के पहले कोर्रा सीढ़ी तालाब को अतिक्रमण से मुक्त करने और तलाब साफ करवाने की मांग की है। चितरंजन ने कहा कि यह घोर चिंता की बात है कि अब तब प्रशासन ने तालाब को साफ नहीं करवाया है। यह यहां के सैकड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन जिम्मेवारी निभाये और तालाब को उसके सही स्वरूप में वापस लाये।