झारखंड
अब निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को नौकरी देने के लिए शिविर लगाने का शुरू होगा सिलसिला : हेमंत सोरेन
ABN Bureau
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18 Oct, 2022
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टीम एबीएन, कोडरमा। पहले बंद कमरों में योजनाएं बनती थी और वहीं समाप्ति हो जाती थी। लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिलना तो दूर जानकारी तक नहीं होती थी। लेकिन, हमारी सरकार में अधिकारी तमाम योजनाओं को लेकर आपके दरवाजे पर जा रहे हैं । हमारा आग्रह है कि आप इन योजनाओं को अपने घर ले जाएं और अपनी आय बढ़ाकर सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी बने। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज कोडरमा में आयोजित आप की योजना-आपकी सरकार- आपके द्वार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कोडरमा जिला प्रशासन की ओर से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के एप्प को भी लांच किया।
पिछले वर्ष काफी सफल रहा था सरकार आपके द्वार कार्यक्रम : मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य वासियों के सहयोग से पिछले वर्ष सरकार आपके द्वार कार्यक्रम काफी सफल रहा था। इस दौरान छह हजार से ज्यादा शिविर लगाए गए थे। इन शिविरों में 35 लाख से ज्यादा आवेदन मिले थे। इनमें से ज्यादातर आवेदनों का निपटारा शिविर में ही कर दिया गया था और जो भी लंबित आवेदन थे, उसका भी जिला स्तर पर समाधान किया जा चुका है। जन प्रतिनिधियों के साथ आम लोग भी इस योजना को फिर से शुरू करने की मांग कर रहे थे। इनकी भावनाओं को ध्यान में रखकर आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम को आयोजित किया जा रहा है। आगे भी ऐसे कार्यक्रम जारी रहेंगे।
अब तक मिल चुके हैं साढ़े आठ लाख से ज्यादा आवेदन : मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 अक्टूबर से चल रहे इस कार्यक्रम के तहत अब तक लगाए गए शिविरों में साढ़े आठ लाख से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं। इन आवेदनों का निपटारा तीव्र गति से किया जा रहा है । मुझे पूरी उम्मीद है कि इस बार इस कार्यक्रम के माध्यम से गरीबों और जरूरतमंदों को योजनाओं से आच्छादित करने का एक नया रिकॉर्ड बनेगा।
अगल-बगल के पंचायतों में भी दे सकते हैं आवेदन : मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को अपने पंचायत में योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन देने में किसी भी तरह की कठिनाई है तो वे दूसरे पंचायतों में भी आवेदन कर सकते हैं। सभी योग्य लाभुकों को योजना का लाभ अवश्य दिया जाएगा ।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार लोगों की आकांक्षाओं और जरूरतों को समझने के लिए आपके दरवाजे पर आ रही है, ताकि उसी अनुरूप योजनाओं को बनाकर धरातल पर उतारा जा सके।
झारखंड में प्रति व्यक्ति आय में हुई है वृद्धि : मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा एक रिपोर्ट जारी की गई है। इसमे बताया गया है कि झारखंड देश के वैसे गिने- चुने राज्यों में शामिल है, जहां दो वर्षों तक कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के बाद भी प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है। यह सब आपके सहयोग और सरकार के बेहतर प्रबंधन की वजह से संभव हुआ है।
हर वर्ग और तबके के लिए है कल्याणकारी योजनाएं : मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार हर वर्ग और तबके के हित को ध्यान में रखकर योजनाएं बना रही हैं। सरकार ने यूनिवर्सल पेंशन स्कीम लागू की है। जिसमें अहर्ता रखने वाले सभी लाभुकों को पेंशन योजना से जोड़ा जा रहा है। 20 लाख नए राशन कार्ड जारी किए जा रहे हैं। गरीबों को 10 रुपए में धोती -साड़ी- लूंगी देने का कार्यक्रम चल रहा है । बच्चियों के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना शुरू की गई है। फूलों -झानो आशीर्वाद योजना के तहत दारू- हड़िया बेचने वाली महिलाओं को सम्मानजनक व्यवसाय से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत युवाओं को व्यवसाय के लिए अनुदान आधारित 25 लाख रुपए तक का लोन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री पशुधन योजना के मार्फत किसानों- पशुपालकों को आय बढ़ाने के लिए संसाधन दिए जा रहे हैं। ऐसी और भी कई योजनाएं हैं, जो जरूरतमंदों को ध्यान में रखकर चलाई जा रही है।
शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी पर विशेष जोर : मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करना सरकार की विशेष प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों की तर्ज पर मॉडल स्कूल खोले जा रहे हैं। यहां बच्चों को निशुल्क गुणवत्तायुक्त शिक्षा दी जायेगी। वहीं, छात्रवृत्ति की राशि में तीन गुना इजाफा किया गया है। इतना ही नहीं, विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए शत प्रतिशत स्कॉलरशिप भी सरकार दे रही है।
निजी क्षेत्र में स्थानीयों को नौकरी देने के लिए लगेगा शिविर : मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निजी क्षेत्र की कंपनियों में 75 प्रतिशत नौकरी स्थानीय को देने के लिए नियमावली तैयार कर ली गई है। अब निजी क्षेत्र में स्थानीय को नौकरी देने के लिए शिविर लगाया जायेगा। इस दिशा में कंपनियों और उसमें कर्मियों की जरूरतों का आकलन किया जाएगा।
सुखाड़ से निपटने की पूरी तैयारी : मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल से निकलने के बाद विकास को रफ्तार देने का काम शुरू ही हुआ था कि कम बारिश की वजह से सुखाड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। लेकिन, सरकार ने इससे निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। इस दिशा में किसानों और मजदूरों को राहत देने के लिए कई योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो रहा है।
योजनाओं का उद्घाटन -शिलान्यास, लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का हुआ वितरण : मुख्यमंत्री ने मौके पर 286 करोड़ 12 लाख 94 हजार रुपए की लागत से 513 योजनाओं का उद्घाटन- शिलान्यास किया। इसमें 134 करोड़ 88 लाख 61 हजार रुपए की लागत से 159 योजनाओं का उद्घाटन और 151 करोड़ 24 लाख 33 हजार रुपए की लागत से 354 योजनाओं की आधारशिला रखी गई । इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं के 3377 लाभुकों के बीच 22 करोड़ 98 लाख 23 हजार रुपए की परिसंपत्ति का वितरण किया।
मौके पर मंत्री आलमगीर आलम, सत्यानंद भोक्ता, विधायक उमा शंकर अकेला, अमित यादव, जिला परिषद अध्यक्ष रामधन यादव, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, कोडरमा उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी, लाभुक और लोग मौजूद थे।
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