टीम एबीएन, हजारीबाग। झारखंड सरकार के आबकारी विभाग द्वारा संचालित अंग्रेजी शराब की दुकानों में असली शराब की आड़ में कुछ अवैध व नकली शराब की बिक्री करने का आरोप शराब के शौकीनों द्वारा लगाया जा रहा है। ज्ञात हो कि चौपारण में सोमवार को छापेमारी के दौरान लाइसेंसी शराब दुकान में अवैध नकली शराब पाई गई थी और दुकान संचालक द्वारा भारी पैमाने पर नकली शराब बनाकर दुकानों एवं आसपास के क्षेत्रों में बेची जाती थी। ऐसे ही शहर में भी नकली शराब की बिक्री किए जाने की बात सामने आ रही है। नकली शराब पीकर अगर जानमाल की क्षति होती है, लोगों की मौत होती है तो इसके बाद भारी हंगामा हो सकता है और उसका जवाब उत्पाद विभाग और स्थानीय प्रशासन को देना पड़ सकता है। शराब का नियमित सेवन करने वाले कुछ लोगों ने बताया कि झारखंड सरकार द्वारा संचालित अंग्रेजी शराब की दुकानों से विभिन्न ब्रांडों की शराब जब अलग-अलग दिन खरीदी जाती है, तो एक ही ब्रांड के शराब की टेस्ट व स्वाद में किसी-किसी दिन भारी अंतर दिखाई देता है। कई बार खरीदी गई शराब की बोतल की ढक्कन से शराब लीक या निकलता दिखाई देता है। इसकी शिकायत करने के बाद भी दुकानदार द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं लिया जाता है। उनका कहना है कि शराब की बोतल के ढक्कन के ऊपर लगे बारकोड युक्त स्टीकर भी संदेह के घेरे में है। यह स्टीकर प्रमाणित कर रहे हैं कि कहीं न कहीं शराब की खाली बोतलों में अवैध शराब को भरकर व उसमें नकली ढक्कन व लेबल और यह स्टीकर लगाकर आम ग्राहकों को नकली शराब असली बताकर महंगे दामों पर बेचा जा रहा है। अब लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि वह असली शराब की दुकान से कहीं नकली शराब तो खरीदकर कहीं नहीं पी रहे हैं।