टीम एबीएन, हजारीबाग। झारखंड में लाटरी की टिकट की ब्रिकी पर पूर्ण प्रतिबंध है बावजूद हजारीबाग जिले में लाटरी की टिकट की ब्रिकी बड़े पैमाने पर हो रही है। खबर प्रकाशित के बाद यदा कदा ऑय वाश के लिए छापेमारी की जाती है लेकिन इस खेल के बड़े खिलाड़ियों को हाथ भी नहीं लगाया जाता है। पूरा जिला लॉटरी के चपेट में है लेकिन अधिकारियो को नजर नहीं आती है। इस मामले को लेकर पेलावल उत्तरी पंचायत के सरपंच मो साबिर ने उपायुक्त के नाम एक आवेदन दिया है। साथ ही अपने निवास स्थान पेलावल से लॉटरी रूपी बिमारी को दूर करने की गुहार लगाई है। उन्होंने आवेदन के माध्यम से कहा है कि
अवैध लॉटरी के थोक विक्रेताओं ने पेलावल व अगल बगल के गांवों के यूवकों को इस लत में डाल कर उनके परिजनों को परेशानी व बर्बादी के कगार पर खड़ा कर दिया है। यह नशा ड्रग के नशा से कम तर नहीं है। आसान पैसा कमाने के चक्कर में युवक गलत सलत रास्ता अपना कर पैसा जुगाड़ते हैं और लॉटरी टिकट में खुद बर्बाद हो जाते हैं और अपने परिजनों को भी बर्बाद कर देते हैं। बताया कि पेलावल के दोनों पंचायत के प्रतिनिधियों ने एवं जिला परिषद सदस्या मंजू नंदिनी, उत्तरी मुखिया मो अखलाक, दक्षिणी मुखिया नूरजहां, उत्तरी उपमुखिया मो अयुब उर्फ बबलू एवं पेलावल के अन्य गणमान्य लोगों की राय मशवरा से यह तय किया गया कि कम से कम पेलावल में इस धंधे पर सख्ती से अंकुश लगाया जाये। इसमें पेलावल विकास मंच के संस्थापक एम हक भारती ने भी समर्थन दिया। इसमें छह लॉटरी के थोक विक्रेताओं के नाम दर्शाये गये हैं। मो मुजाहिद, मो महमूद, मो अख्तर, मो समशाद, राजू खान एवं मो साजिद का नाम शामिल है। पेलावल विकास मंच ने भी अपने स्तर से इस रोग को पेलावल की धरती से दूर करने का संकल्प ले लिया है।