टीम एबीएन, रांची। झारखंड जनता दल का 16 अक्टूबर 2022 को जदयू में विलय होगा। झारखंड जनता दल के केंद्रीय अध्यक्ष गौतम सागर राणा ने यहां इस आशय की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सांप्रदायिक ताकतों से मुकाबला करने के लिए हम लोग नीतीश कुमार के साथ मिलकर काम करेंगे और 16 अक्टूबर को कार्निवल हॉल रांची में आयोजित समारोह में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह की मौजूदगी में झारखंड जनता दल का विलय जदयू में होगा।
राणा ने कहा कि देश में सांप्रदायिक विचारधारा का बोलबाला है लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा से नाता तोड़ कर इस विचारधारा को चुनौती दी है। भाजपा की सांप्रदायिक सोच, पूंजीवाद और बेरोजगारी के खिलाफ आज राष्ट्रीय पटल पर वैचारिक लड़ाई में एकजुट होने का वक्त आ गया है, देश में वर्तमान राजनीतिक परिप्रेक्ष्य और समान विचारधारा वाले सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ने की जरूरत है।
राणा ने कहा कि सुनियोजित तरीके से भाजपा देश से गरीबों को मिटाना चाहती है सामंतवादी और आरएसएस एक हो रहे हैं, भारत में हम लोगों को एक होना होगा, मन से हम एक होंगे तभी देश आगे बढ़ सकता है, पूरे झारखंड में हम सामंतवादी के खिलाफ राज्य स्तरीय दौरा करेंगे। नवंबर में जदयू की एक विशाल रैली झारखंड में होगी, जिसमें 5 लाख लोग शामिल होने की संभावना है। 2024 में पूरे देश में यूपीए और एनडीए गठबंधन के बीच चुनावी मुकाबला होगा। हमारी पार्टी जदयू की विचारधारा से प्रभावित होकर जदयू में शामिल हो रही है।