टीम एबीएन, बिष्णुगढ़ (शैलेन्द्र पाठक)। प्रखंड स्थित थाना हो या अंचल कार्यालय, अधिकारियों और कर्मचारी के लिए जिले की पहली पसंद विष्णुगढ़ प्रखंड मानी जाती है। यहां कि आबोहवा और मिट्टी के साथ भौगोलिक स्थिति के कारण अधिकारियों के लिए यह एक ऐशगाह है। ये सिर्फ एक आकलन नहीं बल्कि बीते समय और आज के हालात इस परिदृश्य को बयां करती है। इसकी एक बानगी देखिये। अभी प्रखंड कार्यालय में दो नाजिर कार्यरत हैं, तो वहीं सरकार द्वारा जारी खत के मुताबिक बीपीओ व मनरेगा बीपीओ का पदस्थापन किया गया जाना है, जबकि पूर्व से राजेश कुमार मनरेगा बीपीओ पदस्थापित है। सूत्रों की मानें तो लोग अन्य ब्लॉक से अपने पहुंच के बल पर मोटा माल कमाने को लेकर बिष्णुगढ़ आना चाहते हैं। बताया जाता है कि नाजिर विजय सिन्हा कई माह पूर्व बिष्णुगढ़ ब्लॉक से रिटायर हो चुके हैं। इनके रिटायरमेंट के बाद विनोद कुमार प्रखंड नाजिर पद पर पदस्थापन है। बिनोद कुमार के होने के बावजूद रिटायर विजय सिन्हा का गतिविधि ब्लॉक परिसर में आज भी विद्यमान है। जानकारी के अनुसार पूर्व नाजिर ने वर्तमान नाजिर को पूरा चार्ज नहीं दिया है। कर्मचारी से समाजसेवी और नेता तक रिटायर्ड नाजिर की गतिविधि ब्लॉक परिसर में देखकर दबी जुबां चर्चा करते हैं। कुछ माह पहले इस संदर्भ पर प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा था कि 1 सप्ताह मे अधूरे कार्य को निपटा लिया जायेगा। अधूरे कार्यों को निपटाने के लिए नाजिर को प्रखंड आना पड़ता है। वहीं अधिकारी ने यह भी कहा था कि रिटायरमेंट के बाद भी अगर किसी को मन करे तो वह कार्यालय में आना-जाना कर सकता है, किसी को रोका नहीं जा सकता। बताते चलें कि मनरेगा के पूर्व भाजपा राजीव आनंद भी काफी लंबे समय तक बिष्णुगढ़ में जमे हुए थे। वर्तमान बीपीओ का भी बीच में अन्य ब्लॉक स्थानांतरण हुआ था, लेकिन पुनः बिष्णुगढ़ उनका चुनिंदा कार्यस्थल बना है। अब मनरेगा बीपीओ राजेश कुमार के रहते एक और बीपीओ के आने की जानकारी है।