टीम एबीएन, बोकारो/हजारीबाग। बोकारो जिले के चंदनकियारी के साधारण परिवार से आने वाले गुदड़ी के लाल गोल्डी मिश्रा ने गुजरात में खेली जा रही 36वां राष्ट्रीय खेलों के तीरंदाजी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर झारखंड का नाम पूरे देश में रोशन किया। अपने प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चंदनकियारी का लाल गोल्डी मिश्रा गोल्डन बॉय गोल्डी बन गया। गोल्ड मेडल जीतकर शनिवार की देर शाम को वापस लौटने पर चंदनकियारी में स्थानीय विधायक सह सूबे के पूर्व खेलमंत्री अमर कुमार बाउरी के नेतृत्व में अभूतपूर्व स्वागत सह अभिनंदन हुआ। प्रतिभा सम्मान के इस गौरवपूर्ण पल का सदर विधायक मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी भी साक्षी बने और विधायक मनीष जायसवाल की ओर से गोल्डी मिश्रा को जीत की बधाई दी।
प्रतिभा किसी साधन की मोहताज नहीं होती। अगर लगन और मेहनत सही दिशा में हो तो उसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आते हैं। चंदनकियारी के एक गुदड़ी के लाल तीरंदाज गोल्डी मिश्रा ने महज 16 साल की उम्र में ही अपनी अथक परिश्रम, अभ्यास और दृढ़ इच्छाशक्ति की बदौलत झारखंड के लिए गोल्ड लाकर कमाल कर दिया।
दुर्गा महानवमी के शुभ दिन यह बेहद गर्व की अनुभूति कराता खबर पाकर झारखण्ड वासियों को मिला था। जिसके बाद हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल के निर्देश पर उनके मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी उनके चंदनकियारी स्थित आवास पहुंचे और उनके घर- परिवार वालों से मिलने पहुंचे थे। रंजन चौधरी ने बताया कि गोल्डी के घर की माली हालत बहुत अच्छी नहीं है। उसके पिता दुलाल मिश्रा पश्चिम बंगाल के संथालडीह में पॉकलेन ऑपरेटर हैं वहीं माता रेखा देवी गृहणी है। सदर विधायक मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के गोल्डी के संघर्ष की दास्तां सुनाते हुए घर सदस्य खुशी के मारे फफक कर रो पड़े। सभी के जुबां पर बस एक ही बात हैं अपना गोल्डी ओलंपिक में मैडल लायेगा ज़रूर। परिजनों ने बताया कि गोल्डी ने अपने घर के सामने खेत से बचपन से ही अभ्यास शुरू किया। बाद में तत्कालकिन खेल मंत्री सह वर्तमान चंदनकियरी विधायक अमर कुमार बाउरी के सहयोग से अभ्यास के लिए आर्चरी की व्यवस्था हुई। ताज्जुब की बात तो ये हैं की गोल्डी अपना आर्चरी भी विधायक अमर कुमार बाउरी के घर पर ही रखता था। बचपन से खेल में रुचि और पढ़ाई में भी गोल्डी मेघावी है। वर्तमान में चंदनकियारी+2 हाई स्कूल में इंटर का विद्यार्थी है और बोर्ड परीक्षा में कुल 416 अंक लाया है। गोल्डी तीन बहन और एक भाइयों में सबसे छोटा है। शुरुआती समय में घर वाले खेलने से मना करते थे तो चोरी चुपके खेलने जाता था।
विधायक मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और खेल मंत्री से अपील किया की ऐसे बेहद प्रतिभावान युवा खिलाड़ी को ओलंपिक की तैयारी में सरकार अपने स्तर से सहयोग करें, ताकि वो हिंदुस्तान के लिए ओलम्पिक में मेडल लाने का सपना साकार कर सके।