टीम एबीएन, भंडरा। लोहरदगा, रांची और गुमला जिले के सीमांत स्थित चट्टी का ऐतिहासिक जतरा सात अक्टूबर को हर्षौल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में लोग जतरा में शामिल हुए और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। जतरा का उद्घाटन मुख्य अतिथि भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री बिंदेश्वर उरांव ने किया। मौके पर उन्होंने कहा कि जतरा सामाजिक समरसता का प्रतीक है। आपसी दूरियां को पाटने में जतरा की हमेशा बड़ी भूमिका रही है। जतरा में आयोजित पारम्परिक गीत नृत्य में झारखंड का इतिहास छुपा है। विरासत में मिली इस संस्कृति को जिंदा रखना जरूरी है। इस दौरान जतरा आयोजन कमेटी के दूबराज तिवारी, मनोज तिवारी, प्रदीप तिवारी, राजदीप तिवारी, कृष्णा तिवारी, मुकेश तिवारी, कुलदीप तिवारी, लक्की तिवारी, आकाश तिवारी आदि उपस्थित थे। अन्य अतिथियों ने कहा की पूर्वजों ने जतरा का आयोजन सिर्फ गीत संगीत के लिये नहीं बल्कि रिश्तों के आदान-प्रदान के लिये शुरू किया था। यह परम्परा आज भी चट्टी जतरा में कायम है। जतरा से आपसी भाईचारगी भी बढ़ती है। जतरा का मुख्य आकर्षण कमेटी द्वारा आयोजित नागपुरी नृत्य कार्यक्रम और लापुंग से आये सांस्कृतिक खोडहा नृत्य दल था। लोगों ने इसका जमकर लुफ्त उठाया। पूरा जतरा प्रांगण मांदर और नगाडों की आवाज से गुञ्जायमान था। बच्चों और युवाओं ने झूला व अन्य मनोरंजक स्टॉलों का आनंद लिया। मिठाई और अन्य दुकानों में भी भीड़ थी। शांति व्यवस्था में पुलिस निरीक्षक चंद्रमोहन हांसदा, थाना प्रभारी गौतम कुमार, पुलिस के अन्य जवान, पदाधिकारी और कमेटी के लोग अपने दलबल के साथ जुटे थे। जतरा में बड़ी वाहनों को जाने से रोकने के लिये चट्टी रांची मुख्य सड़क और चट्टी कैरो सड़क पर बैरीकेटिंग की व्यवस्था की गई थी।