टीम एबीएन, बरही (हजारीबाग)। बरही प्रखंड के खोड़ाहर पंचायत के जतराटांड़ स्थित आदिवासी जतरा मेला का भव्य आयोजन 6 अक्तूबर को सरना समिति के द्वारा किया गया। 1950 से आयोजित होने वाले आदिवासी जतरा मेला में बतौर मुख्य अतिथि हजारीबाग उपायुक्त नैंसी सहाय एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में मेयर रौशनी तिर्की शामिल हुई। इसके अलावा बरही एसडीओ पूनम कुजुर, प्रशिक्षु आईएएस शताब्दी मजूमदार, प्रमुख मनोज रजक,बरही बीडीओ क्रिस्टीना रिचा इंदवार, सांसद प्रतिनिधि गणेश यादव, अर्जुन साव, जिला परिषद सदस्या मंजू देवी, मुखिया अनिता देवी, सेवानिवृत्त रेंजर सह समिति के संरक्षक दिलीप एक्का भी मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मगदली बाडा व संचालन कृष्णा तिर्की ने किया। आदिवासी समाज के लोगों को सम्बोधित करते हुए उपायुक्त नैंसी सहाय ने कहा कि जल,जंगल और जमीन से जुड़ा आदिवासी समुदाय का अपना एक अलग पारंपरिक रीति-रिवाज है, आपकी संस्कृति ही आपकी पहचान है। उन्होंने कहा कि जतरा मेलाअपनी पारंपरिक संस्कृति को जीवंत रखने का एक वृहत माध्यम है। जतरा मेला के माध्यम से नाच-गान के साथ अपनी एकता-अखंडता को बरकरार रखने की भी बात उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि जतरा मेला में आने वाली हर परेशानियों को दूर करने का जिला प्रशासन प्रयास करेगा। जतरा मेला में पड़ने वाली इस जमीन को वन विभाग से एनओसी दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने आयोजन समिति को धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी योजनाओं को क्रियान्वित करते हुए जल्द ही यहां विकास का कार्य दिखेगा। सड़क चौड़ीकरण का कार्य और अन्य सड़क का निर्माण भी जल्द कराया जाएगा। कोविड के आपात स्थिति के दो वर्षों बाद मेला का आयोजन किया गया है। जिसे आप हर्षोल्लास के साथ मनाये। कार्यक्रम के अंत में आदिवासी समुदाय के लोगों ने मुख्य अतिथि हजारीबाग उपायुक्त नैंसी सहाय को स्टेच्यू आॅफ बिरसा मुंडा की प्रतिमा भेंटकर मांदर की थाप के साथ सम्मानित किया। इसके अलावा सभी अतिथियों को तीर धनुष देकर सम्मानित किया।