एबीएन डेस्क। 75वें स्वतन्त्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्र को सम्बोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश के हर माता-पिता से अपील की कि वे होनहार बेटियों के परिवारों से शिक्षा लें और देश को आगे बढ़ने में मदद करें। उन्होंने कहा कि कई अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमारी आजादी का सपना साकार हुआ था। राष्ट्रपति ने कहा कि कई पीढ़ियों के ज्ञात और अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमारी आजादी का सपना साकार हुआ था। उन सभी ने त्याग व बलिदान के अनूठे उदाहरण प्रस्तुत किए। मैं उन सभी अमर सेनानियों की पावन स्मृति को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। राष्ट्रपति ने कहा कि मैं हर माता-पिता से आग्रह करता हूं कि वे होनहार बेटियों के परिवारों से शिक्षा लें और अपनी बेटियों को भी आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि सभी कोविड योद्धाओं की मैं हृदय से सराहना करता हूं। अनेक कोविड योद्धाओं को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है। मैं उन सबकी स्मृति को नमन करता हूं। कहा कि हमारा लोकतन्त्र संसदीय प्रणाली पर आधारित है, अतः संसद हमारे लोकतन्त्र का मंदिर है। यह सभी देशवासियों के लिए बहुत गर्व की बात है कि हमारे लोकतंत्र का यह मंदिर निकट भविष्य में ही एक नए भवन में स्थापित होने जा रहा है। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि सरकार ने इस विशेष वर्ष को स्मरणीय बनाने के लिए कई योजनाओं का शुभारम्भ किया है। ‘गगनयान मिशन’ उन अभियानों में विशेष महत्व रखता है। कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत ने, न केवल पेरिस जलवायु समझौते का पालन किया है, बल्कि जलवायु की रक्षा के लिए तय की गई प्रतिबद्धता से भी अधिक योगदान कर रहा है। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि अब जम्मू-कश्मीर में नव-जागरण दिखाई दे रहा है। सरकार ने लोकतंत्र और कानून के शासन में विश्वास रखने वाले सभी पक्षों के साथ परामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
‘ईज ऑफ डुइंग बिजनेस’ का प्रभाव ‘ईज ऑफ लिविंग’ पर
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि जब ‘ईज ऑफ डुइंग बिजनेस’ की रैंकिंग में सुधार होता है, तब उसका सकारात्मक प्रभाव देशवासियों की ‘ईज ऑफ लिविंग’ पर भी पड़ता है।
सभी बाधाओं के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहा विकास
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि सभी बाधाओं के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से कृषि के क्षेत्र में बढ़ोतरी जारी रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं पर एक वर्ष की अवधि में ही 23,220 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे। कहा कि यह तथ्य संतोषजनक है कि चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए एक वर्ष की अवधि में ही 23,220 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि वे प्रोटोकॉल के अनुरूप जल्दी से जल्दी वैक्सीन लगवा लें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
कोरोना वायरस का प्रभाव अभी समाप्त नहीं हुआ
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि हालांकि महामारी की तीव्रता में कमी आई है लेकिन कोरोना वायरस का प्रभाव अभी समाप्त नहीं हुआ है। हर तरह के जोखिम उठाते हुए, हमारे डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य कर्मियों, प्रशासकों और अन्य कोरोना योद्धाओं के प्रयासों से कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाया जा रहा है।