एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस के पूर्व नेता पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद पिछले शुक्रवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। सोमवार को उन्होंने अपने इस्तीफे को लेकर बात करते हुए कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को जमकर लताड़ा। अपने इस्तीफे पर बात करते हुए उन्होंने कहा, उन्होंने खुद से पार्टी नहीं छोड़ा है, घरवाले (कांग्रेस) ने उन्हें मजबूर किया था। उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनके चापलूसों ने प्रधानमंत्री मोदी की कांग्रेस मुक्त भारत का सपना पूरा करने में भरपूर सहयोग किया है। एक समय की देश की सबसे पार्टी आज अपने अस्तित्व के लिए लड़ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा क्या हो गया कि अब कांग्रेस अस्तित्वविहीन हो गई है? उन्होंने आगे राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि पुरे लोकसभा में मोदी जी से गले मिले और अब उसे स्वीकार नहीं करते हैं। उन्होंने कांग्रेस की बर्बादी का ठीकरा राहुल गांधी पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के चपलूसों की उन्न्नति दिन प्रतिदिन हो रही है और कांग्रेस के अनुभवी नेताओं को दरकिनार किया जाता रहा। ऐसे में पार्टी का गर्त में जाना तो तय है। आजाद ने बताया कि 2001 गुजरात दंगा के समय गुजरात के तत्कालीन सीएम, वर्तमान पीएम मोदी का फोन आया था। उन्होंने फोन पर ट्रेन में हुए अमानवीय घटना के बारे में बताया था, किसी का पैर और हाथ नहीं मिल रहे थे। इस घटना पर हम फुट कर रोये थे। और अब जब हम दुबारा मिले थे तो गुजरात की घटना को याद करके रोये थे। पर मेरी मानवीयता उन्हें (कांग्रेस) को पसंद नहीं आई। उन्होंने मुझे और कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता को दरकिनार करने में लग गये।