एबीएन सेंट्रल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने हाहाकार मचा रखा है। मौसम विभाग के येलो अलर्ट के बीच प्रदेश में भारी बारिश हुई है। सैकड़ों सड़कें ठप हो गई हैं। बादल फटने व जगह-जगह भूस्खलन में दबने से 11 लोगों की मौत हो गई है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की आंशका है। प्रदेश के कांगड़ा जिले में भारी बारिश से आई बाढ़ के चलते रेलवे का चक्की पुल शनिवार को बह गया है। कांगड़ा के एडीएम रोहित राठौर ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि पुल में दरारें आने के कारण डेढ़ हफ्ता पहले रेल सेवा बंद कर दी थी। डीहार पंचायत के डोल गदयाडा गां में बैजनाथ-सरकाघाट सड़क भी बह गई है।
अलग-अलग घटनाओं में 11 की मौत : आपको बता दें कि चंबा जिले में दंपती और उनके बेटे की मौत हो गई है। कांगड़ा के भनाला की गोरडा (शाहपुर) में एक मकान गिरने से 12 साल के बच्चे की जान चली गई। जबकि मंडी के सराज, गोहर और द्रंग में बादल फटने की घटनाओं सात की मौत हो गई है। जबकि 15 से 20 लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रधान और प्रधान की पत्नी के शव भी बरामद हो गए हैं। तीनों एनएच मंडी पठानकोट, मंडी कुल्लू और मंडी जालंधर वाया धर्मपुर बंद हो गए हैं। इसके अलावा, कांगड़ा जिले में भूस्खलन से बगली स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हो गया है। कांगड़ा जिले के भनाला की गोरडा (शाहपुर) में एक मकान गिर गया, जिसकी जद में आने से 12 साल के बच्चे की जान चली गई। चंबा में मलबे में दबने से दंपती और बेटे की मौत हो गई।