झारखंड
तिरंगा हमारे देश की शान : डॉ राजाराम महतो
ABN Bureau
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13 Aug, 2022
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टीम एबीएन, रांची। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची स्वतंत्रता के 75वें वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 12 से 15 अगस्त तक आजादी का अमृत महोत्सव मनाया रहा है। इसी कड़ी में कॉलेज ने दूसरे दिन शनिवार को तिरंगे के महत्व पर विशेष व्याख्यान का आयोजित किया। व्याख्यान शिक्षाविद डॉ राजाराम महतो, पूर्व सदस्य राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, झारखंड सरकार और सलाहकार सदस्य केंद्रीय पुस्तकालय, भारत सरकार के डॉ राजाराम महतो ने आयोजित किया।
मुख्य वक्ता डॉ राजाराम महतो ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज किसी भी स्वतंत्र राष्ट्र की पहचान तथा उस राष्ट्र की संप्रभुता का प्रतीक होता है। यह राष्ट्र की स्वाधीनता का प्रतीक भी होता है। भारतीय राष्ट्रीय ध्वज हर भारतवासी का गौरव है। यह मात्र एक आयताकार कपड़े का टुकड़ा नहीं बल्कि देश की आन बान और शान है और इसकी गरिमा बनाए रखने के लिए भारत का हर नागरिक कृत संकल्पित है। किसी भी राष्ट्र की स्वाधीनता का आकलन उसके देश में लहराते हुए राष्ट्रीय ध्वज से किया जा सकता है। आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी हिंद के शेरों ने कभी इसकी गरिमा को कम नहीं होने दिया।
डॉ महतो ने बताया कि विश्व का सबसे खूबसूरत झंडा और भारत की आन बान और शान तिरंगा 3 रंगो से बना होता है। वास्तव में तीन रंगों से बने होने के कारण ही इसे तिरंगा कहा जाता है। तीन रंगों से बने तिरंगा में तीनों कलर की पट्टियां आयताकार, समतलीय एवं बराबर हिस्सों में बंटे होते हैं। सबसे ऊपर केसरिया बीच में सफेद पट्टी तथा सबसे नीचे हरे रंग की पट्टी होती है।
डॉ महतो ने बताया कि धर्मनिरपेक्ष राज्य होने के बावजूद भारत के सभी नागरिक खुशी-खुशी एक ही झंडे के नीचे रहते हैं। सभी धर्मों के लोग चाहे वह हिंदू हो, मुसलमान हो सीख हो या फिर ईसाई हो, यह राष्ट्रीय ध्वज हमें एकता के सूत्र में बांधकर रखता है। बहुत सोच समझ कर राष्ट्रध्वज के निमार्ताओं ने इसे तैयार किया है। इसमें मौजूद सभी रंग अपने आप में कुछ कहता है। डॉ महतो ने सभी रंगो के महत्व पर भी व्याख्यान में बताया केसरिया रंग भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की सबसे ऊपर की पट्टी केसरिया रंग की होती है, जो साहस, निस्वार्थता, शक्ति और बलिदान का प्रतीक होता है। यह राष्ट्र के प्रति हिम्मत और निस्वार्थ भावनाओं को दशार्ता है। यह रंग एकता का भी प्रतीक है। सफेद रंग राष्ट्रीय ध्वज में बीच की पट्टी सफेद रंग की होती है जो राष्ट्र की शांति, सद्भाव, शुद्धता, सच्चाई और इमानदारी को प्रदर्शित करता है। सफेद रंग को स्वच्छता और ज्ञान का भी प्रतीक माना जाता है।यह रंग हमें सच्चाई और मार्गदर्शन की राह पर हमेशा चलना सिखाती है। कर्तव्य परायण और एक आदर्श व्यक्ति बनने के लिए यह रंग हमें हमेशा प्रेरित करती है।
हरा रंग राष्ट्रीय ध्वज में सबसे नीचे की पट्टी हरे रंग की होती है जो विश्वास, उर्वरता, खुशहाली, समृद्धि और प्रगति को दशार्ता है।यह देश की हरी-भरी भूमि, पहाड़-पर्वत तथा हरियाली को दशार्ता है। यह रंग आंखों को सुकून देने वाला होता है। प्रकृति के साथ इस रंग का घनिष्ठ संबंध है। कार्यक्रम में छात्रों ने भारत और इसकी स्वतंत्रता का जश्न मनाते हुए नाटक, गीत और नृत्य प्रस्तुत किये। कार्यक्रम का संचालन डॉ कमल बोस ने किया।
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