Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
होम देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
देश

देश के 14वें उपराष्ट्रपति धनखड़ नाश्ते में दही और ठंडी रोटी

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
देश के 14वें उपराष्ट्रपति धनखड़ नाश्ते में दही और ठंडी रोटी
विज्ञापन
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश को नया उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के रूप में मिल चुका है। शनिवार को हुए चुनाव में धनखड़ ने धाखड़ जीत हासिल की है। उन्होंने ये जीत 528 वोटों के साथ दर्ज की है, तो वहीं उनके मुकाबले में खड़ी हुईं विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को मात्र 182 वोट मिले। वैसे चुनाव परिणाम से पहले ही धनखड़ की जीत निश्चित मानी जा रही थी। जगदीप धनखड़ अब 11 जुलाई को देश के 14वें उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे, मालूम हो कि मौजूदा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो रहा है। मूलरूप से राजस्थान के रहने वाले जगदीप धनखड़ की इमेज शुरू से ही काफी धाकड़ रही है। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के किठाना में सन् 1951 में जन्म लेने वाले धनखड़ किसान परिवार से आते हैं। आपको जानकर हैरत होगी धनखड़ अपने गांव में अंग्रेजी बोलने वाले पहले शख्स थे, जिंदगी में अपनी मेहनत और लगन के दम पर आगे बढ़ने वाले धनखड़ ने आगे चलकर वकालत में स्नातक किया और इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में काफी दिनों तक वकालत की, उनकी गिनती टॉप वकीलों में होती थी। लेकिन धनखड़ कभी भी अपनी जड़ों को नहीं भूलें, उनकी इच्छा थी कि उनका गांव भी फले-फूले और गांव का हर बच्चा अंग्रेजी बोले और इसी वजह से उन्होंने यहां पर English स्पीकिंग कोर्स और कंप्यूटर के ट्रेनिंग सेंटर्स खोलवाए। आपको बता दें कि देश के प्रतिष्ठित पोस्ट पर रहने के बावजूद धनखड़ एक सिंपल लाइफ जीते हैं। उनकी एक नियमित दिनचर्चा है। वो हर रोज सुबह पांच बजे उठते हैं और योग करते हैं। इसके बाद वो नहा-धोकर पूजा-पाठ करते हैं। सादा जीवन में भरोसा रखने वाले धनखड़ सुबह नाश्ते में दही और रात की ठंडी रोटी खाते हैं इसके अलावा उन्हें अगर कुछ और चाहिए होता है तो वो है काचरे की चटनी। जबकि दोपहर के भोजन में वो सिंपल चपाती और सब्जी खाते हैं। रात के भोजन में वो खिचड़ी या दलिया खाना पसंद करते हैं और इसके अलावा वो मीठे में चूरमा भी खाते हैं। उन्हें ज्यादा मसालेदार भोजन और तामझाम पसंद नहीं है। वो एक आम परिवार से आते हैं इसलिए जब उन्होंने उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन किया था तो उन्होंने भावुक होते हुए कहा था कि मैंने ख्वाब में भी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं उपराष्ट्रपति पद पर पहचूंगा, मैं एक किसान के घर पैदा हुआ था और भारत के लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि आज किसान का बेटा उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बना है। खैर आज वो देश के 14 वें उपराष्ट्रपति बन गए हैं और इसलिए उनकी जीत पर उनके समर्थक और परिवार वाले राजस्थान में जश्न मना रहे हैं।
विज्ञापन