एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में आज मुंबई के मझगांव डॉकयार्ड में दो स्वदेशी युद्धपोत लॉन्च किए गए। इसी के साथ अब भारतीय नौसेना पहले से और अधिक ताकतवर हो गई है। भारतीय वायुसेना युद्धपोत आईएनएस सूरत (यार्ड 12707) और आईएनएस उदयगिरी (यार्ड 12652) के जरिए पूरी दुनिया को अपनी समुद्री ताकत दिखाई गई। दोनों ही युद्धपोतों की डिजाइन नौसेना के नेवल डिजाइन निदेशालय ने तैयार किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुंबई में भारतीय युद्धपोतों के शुभारंभ के दौरान कहा कि आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस सूरत के सफल प्रक्षेपण के बाद, इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम न केवल भारत के लिए बल्कि दुनिया के लिए भी जहाज निर्माण करेंगे। हम न केवल मेक इन इंडिया बल्कि मेक-फॉर-वर्ल्ड के लिए भी लक्ष्य रखेंगे। सिंह ने कहा कि कोविड-19 और रूस और यूक्रेन के बीच चल रही उथल-पुथल के बीच इन विध्वंसकों का शुभारंभ करना हमारी समुद्री क्षमता और आत्मनिर्भरता की एक मिसाल है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में 50 से अधिक जहाज और पनडुब्बियां बन रही हैं, और भारतीय नौसेना में लगभग 150 जहाज और पनडुब्बियां पहले से ही शामिल हैं। बता दें कि प्रोजेक्ट 15बी श्रेणी के जहाज भारतीय नौसेना की अगली पीढ़ी के स्टेल्थ (रडार को चकमा देने में सक्षम) निर्देशित मिसाइल विध्वंसक हैं जिन्हें मुंबई में मझगांव डॉक्स लिमिटेड (एमडीएल) में बनाया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि सूरत प्रोजेक्ट 15बी विध्वंसक का चौथा जहाज है, जो पी15ए (कोलकाता श्रेणी) विध्वंसक के एक महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत करता है। अधिकारी ने कहा कि सूरत जहाज को ब्लॉक निर्माण पद्धति का उपयोग करके बनाया गया है जिसमें दो अलग-अलग भौगोलिक स्थानों पर ढांचों का निर्माण शामिल है और इसे एमडीएल में एक साथ जोड़ा गया है। युद्धपोत उदयगिरी (फ्रिगेट), जिसका नाम आंध्र प्रदेश में पर्वत श्रृंखलाओं के नाम पर रखा गया है, प्रोजेक्ट 17ए फ्रिगेट्स के तहत तीसरा जहाज है। यह उन्नत हथियारों, सेंसर और प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम से लैस है।