एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में पिछले साल आई कोविड महामारी के कारण हुए नुकसान से उबरने में भारत को 13 साल लगेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 2020-21 के लिए (-) 6.6 प्रतिशत की वास्तविक विकास दर, 2021-22 के लिए 8.9 प्रतिशत और 2022-23 के लिए 7.2 प्रतिशत की विकास दर और उससे आगे 7.5 प्रतिशत की वृद्धि को मानते हुए, भारत के 2034-35 में कोविड -19 घाटे से उबरने की उम्मीद है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, 2020-21, 2021-22 और 2022-23 के लिए अलग-अलग वर्षों के लिए उत्पादन घाटा क्रमशः 19.1 लाख करोड़ रुपए, 17.1 लाख करोड़ रुपये और 16.4 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। आरबीआई का कहना है कि अभी भी देश में महामारी खत्म नहीं हुई है। चीन, दक्षिण कोरिया और यूरोप के कई हिस्सों में कोविड की एक ताजा लहर आई है। वहीं रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि रूस-यूक्रेन संघर्ष के साथ, वैश्विक और घरेलू विकास के घाटे का जोखिम वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों के जरिए बढ़ रहा है।