एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और मिजोरम को मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के कहीं भी हो रहे प्रसार को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखने और चिंता वाले क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर पहले से ही कदम उठाने के सुझाव दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक पत्र में दिल्ली और चार राज्यों को जांच, पहचान, उपचार, टीकाकरण और कोविड उपयुक्त व्यवहार के पालन की पांच सूत्रीय रणनीति का पालन करने की सलाह दी। साथ ही पत्र में भीड़भाड़ वाले स्थान में मास्क पहनने पर विशेष जोर दिया गया। पत्र में कहा गया, यह आवश्यक है कि राज्य सख्त निगरानी बनाए रखें और कोरोना वायरस संक्रमण के कहीं भी हो रहे प्रसार को रोकने के लिए चिंता वाले स्थानों पर जरूरत पड़ने पर पहले ही कदम उठाएं। उन्होंने पत्र में कहा कि किसी भी स्तर पर ढिलाई अब तक कोविड के प्रबंधन में हासिल उपलब्धि को परास्त कर देगी। गौरतलब है कि इन राज्यों और राष्ट्रीय राजधानी में इस सप्ताह में संक्रमण के मामलों में काफी बढ़ोतरी देखी गई। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बुधवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, राष्ट्रीय कोविड-19 टास्क फोर्स के अध्यक्ष डॉ वीके पॉल, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव, एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया के साथ वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बैठक में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और मिजोरम की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा की गई, जहां कोविड-19 के मामले खतरनाक रूप से बढ़ रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि बैठक में राज्यों को टीकाकरण बढ़ाने और नए कोविड मामलों की निगरानी करने और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक रोकथाम प्रयास करने का निर्देश का निर्णय लिया गया। अधिकारी ने कहा कि कोविड के बढ़ते मामलों से केंद्र सरकार चिंतित है। आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को समाप्त हुए अंतिम सप्ताह में महाराष्ट्र में 693 नए मामले सामने आए हैं, जिसमें पॉजिटिविटी 0.39 प्रतिशत से बढ़कर 0.40 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह, उत्तर प्रदेश में इसी अवधि के दौरान 217 नए मामले सामने आए और पॉजिटिविटी 0.03 प्रतिशत से बढ़कर 0.09 प्रतिशत हो गई।