एबीएन सेंट्रल डेस्क। योगी आदित्यनाथ सरकार का अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान सरकारी अफसरों पर लगातार कार्रवाई का सिलसिला जारी है। गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार और सोनभद्र के डीएम टीके शिबू को भ्रष्टाचार और काम में लापरवाही के आरोपों में सस्पेंड करने के बाद अब औरेया के डीएम सुनील वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। औरेया के गुलाब इंटर कॉलेज में नकल की शिकयत के बाद ये कार्रवाई की गई है। वर्मा पर नकल माफियाओं के साथ साठगांठ करने का आरोप है।
इसके साथ ही आय से अधिक मामले में भी उनके खिलाफ जांच की जाएगी। जानकारी के अनुसार विजिलेंस इस मामले में जांच करेगी और सुनील वर्मा की संपत्तियों के साथ ही उनके बैंक खाते व लॉकर भी खंगाले जाएंगे। साथ ही उनके परिवार की संपत्ति और बैंक खातों की भी जांच की जा सकती है।
पहले इन पर गिरी गाज : सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के शुरू होते ही सबसे पहले सोनभद्र के डीएम टीके शिबू को सस्पेंड किया। उनके खिलाफ खनन व निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के साथ ही चुनावों के दौरान ठीक से काम न करने की शिकायत थी। शिबू को सस्पेंड करने के बाद चंद्रविजय सिंह को सोनभद्र का डीएम नियुक्त किया गया है। शिबू पर लगे आरोपों की जांच वाराणसी मंडल के कमिश्नर दीपक अग्रवाल को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि टीके शिबू के खिलाफ लगातार अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थी। उनके खिलाफ जनप्रतिनिधियों द्वारा सोनभद्र में खनन, जिला खनिज न्यास समिति और अन्य निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें की गईं।
वहीं गाजियाबाद में दिन दहाड़े पेट्रोल पंप कर्मचारियों से हथियारों के बल पर की गई 25 लाख की लूट को सरकार ने गंभीरता से लिया और गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार को सस्पेंड कर दिया गया। दरअसल गाजियाबाद में कुछ हथियारबंद बाइक सवारों ने पेट्रोल पंप के कर्मचारियों को उस समय लूट लिया था जब वे बैंक में कलेक्शन का पैसा जमा करवाने जा रहे थे। पवन कुमार पर लापरवाही का आरोप लगा था जिसके बाद सरकार ने ये कार्रवाई की।