एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आयुर्वेद चिकित्सक राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम/ एनएचएम) योजना के तहत एलोपैथिक मेडिकल और दंत चिकित्सा अधिकारियों के बराबर वेतन के हकदार हैं। उत्तराखंड हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए 24 मार्च को जस्टिस विनीत सरन की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों और एलोपैथिक, दंत चिकित्सा अधिकारियों के बीच फर्क करने के लिए कोई स्पष्ट अंतर नहीं है। एक जैसे पद वाले अधिकारियों के बीच भेदभाव का कोई औचित्य नहीं है।
गौरतलब हो कि उत्तराखंड सरकार ने एनआरएचएम के तहत एलोपैथिक, डेंटल, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया था। उनके वेतन में काफी अंतर था।