एबीएन सेंट्रल डेस्क। गोवा के मनोनीत मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत 28 मार्च को शपथ लेने जा रहे हैं। सूत्रों ने बताया है कि शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं।
बीजेपी ने गोवा में एक बार फिर प्रमोद सावंत पर भरोसा जताया है और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया है। गोवा के मनोनीत मुख्यमंत्री सावंत 28 मार्च को शपथ लेने जा रहे हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता शिरकत करेंगे। उन्होंने बताया कि शपथ समारोह 28 मार्च को सुबह 11 बजे पणजी के पास डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित किया जायेगा। सावंत ने मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी। सोमवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षकों नरेंद्र सिंह तोमर और एल मुरुगन की मौजूदगी में सावंत को अपना नेता चुना गया था। सावंत ने 2019 में मनोहर पर्रिकर की मृत्यु के बाद गोवा की बागडोर संभाली थी। सावंत के मुताबिक, समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा-शासित सात राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। भाजपा गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई को पहले ही 25 विधायकों का समर्थन पत्र सौंप चुकी है। पिल्लई ने पार्टी को तटीय राज्य में अगली सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। मनोनीत मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इससे पहले सोमवार को कहा कि उनके नेतृत्व में गठित होने वाली नई सरकार पूर्ण पारदर्शिता के साथ काम करेगी और स्वयंपूर्ण गोवा 2.0 के मिशन को आगे बढ़ाएगी, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम का विस्तार है। भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के तुरंत बाद पत्रकारों से बात करते हुए सावंत ने कहा कि अगले पांच वर्षों में राज्य सरकार का ध्यान पर्याप्त बुनियादी ढांचे और मानव विकास पर होगा। वह दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी निवर्तमान सरकार ने स्वयंपूर्ण गोवा 1.0 को सफलतापूर्वक लागू किया है और इसके दूसरे संस्करण को और भी अधिक बल के साथ क्रियान्वित किया जाएगा। सावंत ने कहा कि कार्यक्रम के तहत, राज्य सरकार के एक अधिकारी को स्वयंपूर्ण मित्र नियुक्त करेगी जो एक पंचायत या नगरपालिका का दौरा करेगा, लोगों के साथ बातचीत करेगा अलग-अलग विभागों के साथ समन्वय करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लक्षित आबादी तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह उन गैर-भाजपा विधायकों को साथ लेकर चलेंगे जिन्होंने नई सरकार को अपना समर्थन दिया है। भाजपा को क्षेत्रीय संगठन एमजीपी से समर्थन मिला है, जिसके दो विधायक हैं। तीन निर्दलीय विधायकों ने भी भगवा दल को समर्थन दिया है, जिसके बाद 40 सदस्यीय विधानसभा में उसे 25 विधायकों का समर्थन हासिल हो गया है। भाजपा ने खुद 20 सीटें जीती हैं और वह बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने से एक सीट से चूक गई है। इस तरह देश के सबसे छोटे राज्य में सरकार बनाने के लिए बीजेपी का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया। यह लगातार तीसरी बार है, जब बीजेपी राज्य में सरकार बना रही है।