एबीएन सेंट्रल डेस्क। चक्रवात आसनी के प्रभाव से रविवार को बारिश और तेज हवाओं के कारण अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में आम जनजीवन प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साल के पहले चक्रवाती तूफान के तेजी से द्वीप समूह की तरफ बढ़ने के मद्देनजर अंतर-द्वीपीय जहाज सेवाओं को रोक दिया गया है और मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने का अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, एहतियात के तौर पर द्वीप समूह के विभिन्न हिस्सों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के लगभग 100 कर्मियों को तैनात किया गया है और छह राहत शिविर भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर और मध्य अंडमान में बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं, लेकिन पोर्ट ब्लेयर में जनजीवन सामान्य रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को जारी एक ट्विटर पोस्ट में कहा, आज 20 मार्च 2022 को भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े पांच बजे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना कल का कम दबाव वाला क्षेत्र न्यूनतम दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील हो गया। अगले 24 घंटों के दौरान इसके और अधिक गहन न्यूनतम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की आशंका है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, चक्रवाती तूफान के बांग्लादेश और म्यांमार के तटों की तरफ बढ़ने के भी आसार हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की वेबसाइट के अनुसार, बंगाल की दक्षिण पूर्व खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर पर निम्न दबाव वाले क्षेत्र के 21 मार्च के आसपास एक चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। एक बयान के अनुसार, मुख्य सचिव जितेंद्र नारायण ने एक बैठक में प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की और सभी हितधारकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि निकाले गए लोगों को आश्रय देने के लिए बनाए गए अस्थायी शिविरों में भोजन, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था हो।