एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनियाभर में मोटापे के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। मोटापे पर हुई वर्ल्ड ओबेसिटी फेडरेशन की रिपोर्ट चौंकाने वाली है। रिपोर्ट कहती है, दुनिया में 2030 तक हर 5 में से एक महिला और हर 7 में एक पुरुष मोटापे से परेशान होगा। 2010 के मुकाबले 2030 में मोटापे से जूझने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। दुनियाभर में मोटापे की स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है, इसे समझने के लिए वर्ल्ड ओबेसिटी फेडरेशन ने भारत समेत 200 देशों के वयस्कों और बच्चों पर स्टडी की। रिपोर्ट के मुताबिक, मोटापे के मामले पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में अधिक दिखने का अनुमान लगाया गया है।
1. रिपोर्ट के मुताबिक, 8 साल बाद यानी 2030 तक दुनिया के करीब 100 करोड़ लोग मोटापे से जूझ रहे होंगे। भारत में मोटापे से जूझने वाले लोगों की संख्या 7 करोड़ हो जाएगी। इसमें सबसे ज्यादा महिलाएं शामिल होंगी। वहीं, 2010 में भारत में मोटापे से 2 करोड़ लोग पीड़ित थे।
2. रिपोर्ट कहती है, 2030 तक मोटापे से भारत में 7 करोड़ लोग प्रभावित होंगे। इनमें 2.71 करोड़ ऐसे बच्चे होंगे, जिनकी उम्र 5 से 19 साल की होगी। चौंकाने वाली बात यह भी है कि दुनिया में कोई भी ऐसा देश नहीं है जो 2025 तक मोटापे के मामले में WHO के मानकों पर खरा उतरता हो।
3. द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, मोटापे से परेशान दुनिया की 50 फीसदी से अधिक महिलाएं अमेरिका, भाारत, चीन और पाक समेत 11 देशों में हैं। वहीं, 50 फीसदी से अधिक ऐसे पुरुष भारत और अमेरिका समेत 9 देशों में हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि मोटापे की दर भविष्य में तेजी से बढ़ेगी। हम बड़ा बदलाव देख रहे हैं क्योंकि लोग अपने खानपान में फैट वाली चीजों को शामिल कर रहे हैं। ये ऐसी चीजें हैं जिससे किसी तरह के पोषक तत्वों की पूर्ति नहीं हो रही बल्कि वजन बढ़ता जा रहा है।
4. विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापे को कंट्रोल करने के लिए रोजाना फिजिकल एक्टिविटी करने के साथ खानपान में हरी सब्जियां और फलों को शामिल करना जरूरी है। कई रिसर्च में यह भी साबित हो चुका है कि अनिद्रा, तनाव और हार्मोंस में बदलाव भी मोटापे को बढ़ावा देता है।
5. विशेषज्ञों का कहना है कि इंसान जितनी कैलोरी लेता है उसे उतनी कैलोरी बर्न करना जरूरी होता है। इसके लिए फिजिकल एक्टिविटी करने की सलाह देते हैं। हालांकि एक से दूसरे शरीर में काफी फर्क होता है, इसलिए जब भी वेट लॉस के लिए प्लानिंग करें तो एक्सपर्ट की देखरेख में ही करें। इससे कमजोरी आने या शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने का खतरा नहीं रहता है।