एबीएन डेस्क। एक भारत समर्थ भारत के नारे को और मजबूती देने के लिए भारतीय वायुसेना को लगातार समर्थ बनाया जा रहा है। 21 अप्रैल को फ्रांस से छह और राफेल विमान मिलने वाले हैं। एयर चीफ मार्शल राकेश भदौरिया 20 अप्रैल को फ्रांस की यात्रा पर जा रहे हैं। वहां वे इन राफेल विमानों को भारत रवाना करेंगे। वायुसेना प्रमुख भदौरिया 21 अप्रैल को दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस के मरिग्नैक-बोर्डो एयरबेस पर इन विमानों को हरी झंडी दिखाएंगे। ये लड़ाकू जेट पश्चिम बंगाल के हासिमारा में दूसरी राफेल स्क्वाड्रन का हिस्सा बनेंगे। भारतीय वायुसेना प्रमुख 23 अप्रैल तक फ्रांस में रहेंगे। ये छह राफेल विमान पहले 28 अप्रैल को भारत के लिए उड़ान भरने वाले थे, लेकिन एयर चीफ मार्शल भदौरिया के यात्रा के आयोजन के बाद इसे एक सप्ताह पहले रख लिया गया। एयर चीफ भदौरिया एक फ्रांसीसी राफेल स्क्वाड्रन का भी निरीक्षण करेंगे। वे फ्रांस के वायुसेना प्रमुख फिलिप लेविने से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे पेरिस में नव-स्थापित अंतरिक्ष कमान का दौरा भी करेंगे। छह और राफेल विमानों के भारत आने के बाद वायु सेना के बेड़े में इनकी संख्या बढ़ जाएगी। इन विमानों के आने बाद वायुसेना 18 विमानों के साथ अंबाला में 117 गोल्डन एरो स्क्वाड्रन को पूरा करने और दो चौथी पीढ़ी के विमानों का दूसरा स्क्वाड्रन शुरू करने में सक्षम होगी। वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उक्त छह राफेल लड़ाकू विमान अंबाला एयरबेस के लिए उड़ान भरेंगे, जहां से इन्हें हासिमारा में दूसरे स्क्वाड्रन के गठन के लिए तैयार किया जाएगा।