एबीएन सेंट्रल डेस्क। राजस्थान के जैसलमेर में विश्वविख्यात मरु महोत्सव के इतिहास में इस बार पहला मौका रहा जब इंडिया बुक आॅफ रिकार्ड में मरु महोत्सव-2022 में एक साथ दो रिकॉर्ड कायम हुए। आधिकारिक सूत्रों ने आज बताया कि मरु महोत्सव में इंडिया बुक आॅफ रिकार्ड में दर्ज हुए दोनों ही नवाचार अपने आप में अनूठे एवं महोत्सव के मूल उद्देश्य से भरे होने के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से आए सैलानियों एवं विदेशी मेहमानों के लिए भी आकर्षण का केन्द्र रहे। इसमें पहला रिकार्ड रहा रेगिस्तान के जहाज पर सुरों के सरताज के नाम। इसमें रेतीले धोरों पर 50 श्रृंगारित ऊंटों पर परम्परागत लोकवाद्यों की स्वर लहरियां बिखरेते हुए लोक कलाकारों ने सामूहिक रूप से लोक लहरियों का ऐसा मंजर दिखाया कि हर कोई मंत्र मुग्ध होकर सुनता, देखता और वाह-वाह करता रहा। इसी प्रकार दूसरा रिकार्ड रेत के समंदर पर रफ्तार का रोमांच नाम से हुए आयोजन ने बनाया। इसमें आजादी के अमृत महोत्सव (75वें वर्ष) के उपलक्ष्य में सम के रेतीले धोरों पर 75 ऊंटों की ऐतिहासिक दौड़ करवायी गई। यह भी अपने आप में अनूठा एवं अपूर्व आयोजन रहा। जिला कलक्टर डॉ प्रतिभा सिंह की पहल और विशेष प्रयासों से हुए ये दोनों ही आयोजन इंडिया बुक आॅफ रिकार्ड में दर्ज किए गए हैं। यह जैसलमेर जिले और अबकि बार सम्पन्न चार दिवसीय मरु महोत्सव के लिए यादगार एवं ऐतिहासिक उपलब्धि है। डॉ सिंह ने इस अपूर्व उपलब्धि को अविस्मरणीय बताते हुए इसमें सहभागिता निभाने वाली सभी संस्थाओं, कलाकारों, उष्ट्रपालकों, आयोजन को आशातीत सफलता देने में जी जान से जुटे रहे सभी अधिकारियों, कार्मिकों एवं सभी व्यक्तियों के प्रति आभार जताया है और कहा है कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियों से जैसलमेर के पर्यटन विकास को खासा संबल प्राप्त हुआ है और मरु महोत्सव नई पहचान के साथ उभरने लगा है।