एबीएन सेंट्रल डेस्क। गुजरात के अहमदाबाद में साल 2008 में हुए सीरियल बम धमाकों के मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। विशेष न्यायाधीश एआर पटेल की अदालत ने 49 अभियुक्तों में से 38 लोगों को UAPA के तहत फांसी की सजा सुनाई गई है। बाकी 11 दोषियों को उम्र कैद हुई है। अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में 78 आरोपी थे। एक आरोपी बाद में सरकारी गवाह बन गया था। इस कारण कुल 77 आरोपी बन गए थे। 13 साल तक चली सुनवाई के दौरान 1,163 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। पुलिस और कानूनी एजेंसियों ने 6 हजार से ज्यादा सबूत पेश किए थे। यह मामला 26 जुलाई 2008 का है जब अहमदाबाद नगर पालिका क्षेत्र में एक घंटे के भीतर 21 सीरियल ब्लास्ट हुए थे। इस धमाके ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस विस्फोट में 56 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। देश में इतने कम समय में इतने धमाके पहले कभी नहीं हुए थे। एक घंटे के अंदर अहमदाबाद में 21 धमाके हुए थे। पुलिस ने अहमदाबाद में 20 प्राथमिकी दर्ज की थी, जबकि सूरत में 15 अन्य प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जहां विभिन्न स्थानों से बम बरामद किए गए थे। अदालत ने सभी 35 प्राथमिकी को मर्ज करने के बाद मुकदमा चलाया, क्योंकि पुलिस जांच में दावा किया गया था कि वे एक ही साजिश का हिस्सा थे।