एबीएन डेस्क। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शनिवार को माओवादियों के टेरर फंडिंग मामले में बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, ओडिशा में कई स्थानों पर छापे मारे हैं। एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ईटीवी भारत को बताया कि छापेमारी स्थानीय पुलिस, बिहार एसटीएफ और सीआरपीएफ के साथ मिलकर की गई है। अधिकारी ने कहा कि चार राज्यों में करीब 26 स्थानों पर छापे मारे गए हैं. जिसमें 3 देशी पिस्तौल, एक .315 बोर राइफल और 59 राउंड गोलियां जब्त की गई हैं। ऑपरेशन के दौरान कई डिजिटल डिवाइस, नक्सल अपराध से जुड़े साहित्य, दस्तावेज और 4 किलो संदिग्ध नशीला पदार्थ भी जब्त किया गया है। एनआईए अधिकारी ने कहा कि बिहार के जहानाबाद में आठ, पटना ग्रामीण में दो, अरवल में एक जगह, नालंदा में एक जगह, गया में एक जगह, नवादा में एक जगह और औरंगाबाद में एक जगह तलाशी व छापेमारी की गई। वहीं झारखंड के कोडरमा, ओडिशा के भुवनेश्वर और आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में भी एक साथ छापेमारी की गई है। यह मामला बिहार के मगध क्षेत्र में सीपीआई (माओवादी) कैडरों और ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) द्वारा संचालित आतंकी फंडिंग के नेटवर्क से संबंधित है। इस फंड का उपयोग हथियारों की खरीद के लिए और क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को पुनर्जीवित करने, मजबूत करने के प्रयास में जुटाया जा रहा है. विभिन्न जेलों में बंद नक्सलियों, जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क और नए कैडर की भर्ती में भी इसके उपयोग की सूचना है।