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अम्बेडकरनगर : रात के अंधेरे में बुलडोजर से 15 साल पुरानी दीवार गिराई, सगे भतीजे पर आरोप

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  • अम्बेडकरनगर : रात के अंधेरे में बुलडोजर से 15 साल पुरानी दीवार गिराई, सगे भतीजे पर आरोप
  • 9 अक्टूबर की रात की घटना, दो दिन बीतने के बाद भी कार्यवाही शून्य

एबीएन सेंट्रल डेस्क, अम्बेडकरनगर। जिले में बुलडोजर की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। अकबरपुर के बरियावन के बाद अब भीटी थाना क्षेत्र के लोहझरा गांव में 9 अक्टूबर की रात अंधेरे में करीब 25 वर्ष पुरानी दीवार को बुलडोजर से ढहाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि घर से दूर आबादी की जमीन पर बनी छह फुट ऊंची दीवार को पीड़ित के सगे भतीजे ने रातोंरात बुलडोजर लगाकर गिरा दिया।

गांव निवासी राजकुमार सिंह पुत्र स्वर्गीय लालजी सिंह का आरोप है कि आबादी की जमीन पर करीब डेढ़ दशक पहले दीवार बनवाई गई थी। यह दीवार उनके घर से दूर स्थित जमीन पर खड़ी थी। घटना के बाद पीड़ित ने भीटी थानाध्यक्ष को नामजद शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की।  शिकायत मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की।

पीड़ित को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया। लेकिन घटनाक्रम में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। पुलिस द्वारा पीड़ित को 11 अक्टूबर को थाने में बुलाकर बैठाया गया। इसके बावजूद 9 अक्टूबर की रात की घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी अब तक मुकदमा पंजीकृत नहीं हुआ और न ही किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई की गई।

करीब 15 साल से खड़ी दीवार को रात के अंधेरे में बुलडोजर से गिराए जाने के आरोप ने गांव में चर्चा छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि यदि जमीन या दीवार को लेकर कोई विवाद था तो कानूनी प्रक्रिया अपनाए बिना बुलडोजर का सहारा क्यों लिया गया? और शिकायत के दो दिन बाद भी मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हो रहा। 

अकबरपुर के बरियावन बाजार में रात्रि में दबंगों द्वारा मकानों को गिराए जाने के मामलों के बाद भीटी में आई इस शिकायत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि जांच में तथ्य सामने आने के बाद पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करती है या मामला सिर्फ आश्वासनों तक ही सीमित रहता है।

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