- झारखंड सरकार प्रवासी कल्याण आयोग का गठन करे : देवेंद्र नाथ महतो
- अंधेरी ईस्ट, मुंबई में प्रवासी श्रमिक संवाद कार्यक्रम संपन्न
एबीएन सेंट्रल डेस्क (मुंबई)। देश को खनिज संपदा के साथ-साथ कुशल श्रमशक्ति देने में झारखंड की विशिष्ट पहचान है। मुंबई महानगर में झारखंड के बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं, रोजगार की स्थिति एवं पलायन के मुद्दे पर संवाद स्थापित करते हुए झारखंडी एकता संघ एवं विश्वकर्मा पूजा समिति, मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में आज गुरुवार को भरतवन गार्डन, अंधेरी ईस्ट, मुंबई में प्रवासी श्रमिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो शामिल हुए।
कार्यक्रम में ऑटो चालक, होटल-रेस्टोरेंट में कार्यरत व विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों ने भाग लिया। इस दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने प्रवासी श्रमिकों के साथ पलायन, रोजगार के अवसर, श्रमिकों के अधिकार एवं विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा जैसे विषयों पर सामूहिक चर्चा परिचर्चा किया।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड से श्रमिकों का पलायन राज्य सरकार की विफलता का परिणाम है। झारखंड प्राकृतिक एवं खनिज संपदाओं से समृद्ध राज्य होने के बावजूद यहां के लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है। इसके बावजूद हमारे झारखंडी श्रमिकों अपनी मेहनत, हुनर और कार्यकुशलता के बल पर मुंबई जैसे महानगरों में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं।
उन्होंने अपने संबोधन में झारखंड सरकार से प्रवासी कल्याण आयोग गठित करने का मांग किया। ताकि झारखंडी प्रवासी श्रमिकों को रक्षा व बैहतर मजबूती मिल सके। इस अवसर पर प्रवासी श्रमिकों में अपनी झारखंडियत को लेकर विशेष उत्साह एवं जोश देखने को मिला।
प्रवासी श्रमिकों ने देवेंद्र नाथ महतो को “दिशुम वीर बाबू” के नाम से नवाजते करते हुए उनकी तस्वीर भेंट किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के सदरुल शेख, ताज हसन अंसारी, संतोष कुमार, भीम गुप्ता, झरी पंडित, असगर खान सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।