कोयला और खनन क्षेत्र में सुधार पर संसदीय समिति की अहम बैठक, सांसद सुखदेव भगत ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव
राजस्व की हानि रुकेगी और कोयला क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित होगी
एबीएन सेंट्रल डेस्क (नयी दिल्ली/लोहरदगा)। संसद की कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को नयी दिल्ली में समिति के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत, आसनसोल के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा सहित समिति के अन्य सदस्य और संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में देश के कोयला एवं खनन क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, आत्मनिर्भर और तकनीक आधारित बनाने पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक के दौरान सांसद सुखदेव भगत ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए घरेलू कोयला एवं लिग्नाइट उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि करने तथा आयात पर निर्भरता लगातार कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि देश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक और प्रभावी उपयोग कर ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकता है।सांसद ने अवैध कोयला खनन, कोयला चोरी तथा अवैध परिवहन को गंभीर चुनौती बताते हुए इस पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए आधुनिक तकनीकों के व्यापक उपयोग की मांग की।
उन्होंने खनन प्रहरी मोबाइल एप, सैटेलाइट सर्विलांस और अन्य डिजिटल निगरानी प्रणालियों को और अधिक प्रभावी बनाने का सुझाव दिया, ताकि अवैध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। सुखदेव भगत ने खदानों से कोयले के परिवहन, भंडारण एवं आपूर्ति की रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए कोयला शक्ति डैशबोर्ड को पूरी तरह सक्रिय एवं सुदृढ़ रखने पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से पारदर्शिता बढ़ेगी, राजस्व की हानि रुकेगी और कोयला क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित होगी। बैठक शुरू होने से पहले सांसद सुखदेव भगत और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के बीच समिति के एजेंडे को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने कोयला क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, पारदर्शिता, तकनीकी सुधार तथा अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किये।
बैठक में उपस्थित सदस्यों और अधिकारियों ने भी कोयला क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक तकनीक के उपयोग, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने तथा खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। समिति की यह बैठक देश के ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त बनाने और कोयला उद्योग में सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।