छात्रों के न्यायपूर्ण आंदोलन के साथ, हिमंत बिस्वा सरमा ने जेपीएससी आंदोलन को दिया समर्थन
एबीएन सेंट्रल डेस्क। झारखंड में जेपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन को अब दूसरे राज्यों से भी समर्थन मिलने लगा है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आंदोलनरत छात्रों को अपना नैतिक समर्थन देते हुए झारखंड की झामुमो सरकार से उनकी जायज मांगों को तुरंत स्वीकार करने और उन्हें न्याय देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता।
छात्रों के दर्द और गुस्से को करीब से देखा : हिमंत सरमा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें जेएसएससी-सीजीएल अभ्यर्थियों की पीड़ा, गुस्से और भर्ती प्रक्रिया को लेकर उनकी चिंताओं को करीब से समझने का मौका मिला था। उन्होंने कहा कि आज जो छात्र अपने भविष्य और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, उनकी भावनाओं को वह अच्छी तरह समझते हैं।
सरकार ने संवेदनशीलता दिखाई होती तो यह स्थिति नहीं आती
हिमंत सरमा ने दावा किया कि यदि झामुमो सरकार ने समय रहते छात्रों की शिकायतों पर संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की होती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोप लगातार बढ़ते गये, जिसके कारण आज लाखों युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है।
29 जुलाई से जारी है छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में छात्र 29 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होने तक आंदोलन जारी रहेगा।