- उतर प्रदेश में आर्केस्ट्रा में काम के लिए ले जाई जा रही कोलकाता की दो नाबालिग बहनों को महिला ट्रैफिकर के चंगुल से कराया मुक्त
- गैरसरकारी संगठनों एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन व बितान ने आरपीएफ की मदद से की कार्रवाई, आरोपी हिरासत में
एबीएन सेंट्रल डेस्क। श्चिम बंगाल से बड़े पैमाने पर लड़कियों व महिलाओं की ट्रैफिकिंग की रोकथाम के लिए काम कर रहे गैरसरकारी संगठनों एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन (एवीए) व बितान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रेनिंग, अवेयरनेस एंड नेटवर्किंग (बितान) ने रेलवे पुलिस फोर्स (आरपीएफ) की मदद से दो नाबालिग बहनों को एक महिला ट्रैफिकर के चंगुल से मुक्त कराया।
महिला 15 व 17 साल की इन दोनों बहनों को पूर्वांचल एक्सप्रेस ट्रेन से बिहार के सिवान ले जा रही थी जहां से इन्हें उत्तर प्रदेश के कुशीनगर ले जाया जाना था। पूछताछ में पता चला कि इनमें से 15 साल की बच्ची को आर्केस्ट्रा में काम करने के एवज में मोटे पैसे का लालच दिया गया था जबकि बड़ी बहन को घरेलू सहायिका का काम दिलाने का आश्वासन दिया गया था। आरोपी प्रियंका मल्लिक को हिरासत में लेकर गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) आगे की कार्रवाई कर रही है। एवीए और बितान देश में बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के सहयोगी हैं।
बचाई गई इन दोनों बच्चियों में बड़ी बहन ग्यारहवीं में पढ़ रही है जबकि छोटी बहन ने आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। इनकी मां कोलकाता में घरों में काम करती है जबकि पिता संदेशखाली में खेती करते हैं और फिलहाल एक हफ्ते से किसी काम के लिए आंध्र प्रदेश गए हैं। गिरफ्तार आरोपी कोलकाता में इन बच्चियों की पड़ोसी थी और परिवार की खराब आर्थिक स्थिति का फायदा उठाते हुए उसने बच्चियों को नौकरी दिलाने का लालच देकर कुशीनगर जाने के लिए उनकी मां को राजी कर लिया। हालांकि आरोपी ने बच्चियों की मां को इस बाबत कुछ भी नहीं बताया था कि वह उन्हें किस काम के लिए ले जा रही है।
रेलवे स्टेशन पर बच्चियों के साथ संदिग्ध हालात में दिखने पर एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन व बितान के कार्यकर्ताओं ने जब आरोपी से इन बच्चियों के बारे में पूछताछ की तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। बाद में उसने बताया कि वह इन बच्चियों को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के तरया सुजान के ‘बंटी बबली रिकॉर्डिंग प्रोग्राम’ नाम के आर्केस्ट्रा में काम करने लिए ले जा रही थी जिसे बंटी यादव नाम का एक व्यक्ति चलाता है।
बच्चियों को आर्केस्ट्रा की आड़ में यौन शोषण के दलदल में फंसने से बचाने व आरोपी के खिलाफ कार्रवाई पर संतोष जताते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, पश्चिम बंगाल अर्से से ट्रैफिकिंग गिरोहों के निशाने पर है जो गरीब व मजबूर परिवारों की बेटियों को अच्छी नौकरी व मोटे पैसे का सब्जबाग दिखाते हैं और फिर उन्हें आर्केस्ट्रा में शोषण व वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेल देते हैं। इस समस्या की अब और अनदेखी नहीं की जा सकती और बच्चियों को बचाने के लिए एकजुट कार्रवाई की जरूरत है। नागरिक समाज संगठनों के प्रयासों व जागरूकता कार्यक्रमों से निश्चित रूप से प्रशासनिक चौकसी बढ़ी है व ट्रैफिकिंग की रोकथाम में रेलवे पुलिस फोर्स के प्रयास सराहनीय हैं।