टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति के महाराष्ट्र दौरे के दौरान, हमें पिछले दिन मुंबई स्थित डब्बावाला इंटरनेशनल एक्सपीरियंस सेंटर का दौरा करने का अवसर मिला। मुंबई के उन डब्बावालों की कार्यप्रणाली को करीब से समझने का मौका मिलना अत्यंत प्रेरणादायक रहा, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समयबद्ध सेवा के माध्यम से लगभग 135 वर्षों से वैश्विक पहचान बनायी है।
लगभग 5,000 या उससे अधिक डब्बावाला, पूरी तरह से मानवीय प्रक्रिया के माध्यम से, प्रतिदिन लाखों लोगों तक घर का बना भोजन पहुंचाते हैं। उनके अद्भुत प्रबंधन कौशल, कोडिंग प्रणाली और अपने कार्य के प्रति समर्पण ने उन्हें विश्वव्यापी पहचान दिलायी है और उनका नाम गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है।
यह एक्सपीरियंस सेंटर डब्बावालों की कड़ी मेहनत, अनुशासन, परंपरा और नवाचार के अद्भुत संगम का एक जीवंत उदाहरण है। डब्बावालों के 135 वर्षों के इस सफर को आधुनिक तकनीक और वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से बेहद खूबसूरत ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इस तरह के मॉडल समाज में श्रम, संगठनात्मक क्षमता और सामूहिक कार्य संस्कृति को प्रेरित करते हैं।