बंगाल : मुख्यमंत्री शुभेंदु का गृहनगर में जोरदार स्वागत, कहा- भरोसा कायम हुआ...
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि राज्य में व्याप्त भय का माहौल समाप्त हो गया और लोगों में भरोसा कायम हुआ। मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के एक दिन बाद शुभेंदु अपने गृह नगर पूर्वी मेदिनीपुर जिले के कांथी पहुंचे थे, जहां समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया था।
शुभेंदु ने कोलकाता के लिए रवाना होते समय ये बातें कहीं। उन्होंने कोलकाता रवाना होने से पहले पत्रकारों से कहा, भय का माहौल समाप्त हुआ, भरोसा कायम हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आश्वासन दिया है। पश्चिम बंगाल आशा और विश्वास के माहौल में सभी हितधारकों की भागीदारी से प्रगति करेगा।
शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ लेने और पूरे दिन सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद अधिकारी देर रात कालीघाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर कांथी के लिए रवाना हुए। उनका काफिला देर रात करीब दो बजे कांथी स्थित उनके आवास शांतिकुंज पहुंचा लेकिन देर रात होने के बावजूद शाम से ही इलाके में समर्थकों का जनसैलाब उमड़ा हुआ था।
जैसे ही उनका वाहन इलाके में पहुंचा समर्थकों ने उनके स्वागत में नारे बुलंद किए और उन पर फूलों की बारिश की। भारी भीड़ के कारण काफिले की रफ्तार धीमी हो गयी, जिसके बाद अधिकारी वाहन से बाहर आए और समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया। इस स्वागत से भावुक दिखे मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर लोगों से घर लौटने की अपील करते हुए कहा, अब बहुत देर हो चुकी है, कृपया अपने घर लौट जायें।
पूरा माहौल किसी उत्सव जैसा नजर आ रहा था। स्थानीय लोग अपने माटी के बेटे के राज्य के सर्वोच्च पद तक पहुंचने का जश्न मना रहे थे। घर पहुंचने के बाद अधिकारी ने अपने माता-पिता का आशीर्वाद भी लिया। उनके पिता शिशिर अधिकारी और मां गायत्री अधिकारी देर रात तक उनके स्वागत के लिए जागते रहे।
स्थानीय निवासियों और बचपन के परिचितों ने अधिकारी को दृढ़ निश्चयी और संकल्पवान बताते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक सफलता के पीछे उनकी मजबूत इच्छाशक्ति तथा निरंतर प्रयास रहे हैं। सुबह से ही पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर समेत राज्य के अन्य जिलों से लोगों की लंबी कतार उनके कांथी स्थित आवास के बाहर देखी गई। पुलिस और सुरक्षा बल भीड़ को नियंत्रित करने में लगे थे। अधिकतर लोग हाथों में फूल और गुलदस्ते लेकर पहुंचे थे। राधारानी दास नामक महिला ने कहा, मैं नंदकुमार इलाके से आयी हूं।
दादा (शुभेंदु) के मुख्यमंत्री बनने से मैं बेहद खुश हूं। वह बहुत सरल स्वभाव के हैं। जब भी हमारे इलाके में आते थे, मुझसे बात जरूर करते थे। वह बहुत विनम्र इंसान हैं। वहीं, दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर निवासी बिजय नस्कर ने कहा कि वह सुबह से अधिकारी का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा, मैं सीधे तौर पर किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं हूं, लेकिन भाजपा का समर्थक हूं।
मैं दादा को बधाई देना चाहता हूं और यह भी बताना चाहता हूं कि भाजपा की जीत ने हम जैसे लाखों लोगों को अन्याय के खिलाफ बिना डर के अपनी आवाज उठाने और किसी भी अत्याचार तथा दबंगई के खिलाफ अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने की प्रेरणा दी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि कांथी स्थित मुख्यमंत्री के आवास के सामने कोई अवरोधक नहीं लगाया जाएगा, ताकि लोगों को असुविधा न हो। वहां तैनात केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बल अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
अधिकारी के परिवार के एक सदस्य ने कहा, हम नहीं चाहते कि यहां अवरोधक लगाए जाएं, जिससे लोगों, हमारे पड़ोसियों, आगंतुकों या भवन के सामने से गुजरने वालों को परेशानी हो। उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे एवं तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के आवासों के बाहर लगाए गए अवरोधक चुनाव परिणाम घोषित होने के कुछ दिन बाद हटा दिये गये थे। यह फैसला मौजूदा सुरक्षा आकलन के आधार पर लिया गया था।