महिला आरक्षण के बाद कैसी होगी संसद; आ गई पूरी डिटेल
एबीएन सेंट्रल डेस्क। संशोधित बिल के अनुसार 2029 के आम चुनाव में ही महिला आरक्षण को लागू करने की तैयारी है। इसके अलावा सीटों का परिसीमन 2011 की जनगणना के अनुसार किया जायेगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार सीटों का अनुपात लगभग समान ही रहेगा, लेकिन दक्षिणी राज्यों की ओर से मांग उठ रही है कि इसकी गारंटी सरकार की ओर से दी जाये।
लोकसभा में होंगी 850 सीटें, महिला आरक्षण के बाद कैसी होगी संसद
महिला आरक्षण लागू होने के बाद लोकसभा के सांसदों की कुल संख्या बढ़कर 850 हो जायेगी। अब तक आयी जानकारी के अनुसार यह संख्या 816 तक रहने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब यह आंकड़ा 850 होने की चर्चा है। इसके तहत 815 सीटें राज्यों में होंगी। वहीं 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों से आयेंगी, जिनमें से अकेले 11 सीट राजधानी दिल्ली में होंगी।
वहीं महिलाओं के लिए कम से कम 273 सीटें यानी रिजर्व रखी जायेंगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा में 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसके अलावा सभी विधानसभाओं में भी ऐसा होगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग की सीटें 84 से बढ़कर 136 हो जायेंगी। वहीं एसटी सीटों की संख्या 47 से बढ़कर 70 हो सकती है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि महिला आरक्षण के संशोधन बिल के ड्राफ्ट में 850 सीटों का प्रस्ताव रखा गया है। यह बिल आज ही सांसदों को दिया जायेगा ताकि वे रिव्यू कर सकें। इस बीच गुरुवार से संसद का विशेष सत्र भी शुरू हो रहा है, जो तीन दिनों तक चलेगा। इस सत्र में महिला आरक्षण में संशोधन बिल रखा जायेगा।
इसके तहत 2029 के आम चुनाव में ही महिला आरक्षण को लागू करने की तैयारी है। इसके अलावा सीटों का परिसीमन 2011 की जनगणना के अनुसार किया जायेगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार सीटों का अनुपात लगभग समान ही रहेगा, लेकिन दक्षिणी राज्यों की ओर से मांग उठ रही है कि इसकी गारंटी सरकार की ओर से दी जाये।