- असम की जनसभा में महागठबंधन का शक्ति प्रदर्शन, सुखदेव भगत ने बीजेपी पर साधा निशाना, कुनकी चौधरी के समर्थन में भावुक अपील
- 21 लाख युवा ठगे गए, स्थानीय पहचान की लड़ाई है यह चुनाव, नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान ही जीतेगी
- राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर केवल राजनीति कर रही है
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। असम की सियासत में झारखंड से उठी आवाज ने एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद और कांग्रेस के स्टार प्रचारक सुखदेव भगत ने सेंट्रल गुवाहाटी में आयोजित महागठबंधन की जनसभा में बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने युवा प्रत्याशी कुनकी चौधरी के समर्थन में जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ एक प्रत्याशी का नहीं, बल्कि पहचान, सम्मान और अधिकार की लड़ाई है।
श्री भगत ने कुनकी चौधरी को अपनी बेटी और क्षेत्र की बहन बताते हुए जनता से उन्हें जिताने का आह्वान किया। सुखदेव भगत ने असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर केवल राजनीति कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कभी झारखंड, कभी बिहार, कभी असम घुसपैठ का मुद्दा घूमता रहता है, लेकिन समाधान कहीं नजर नहीं आता।
उन्होंने बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 21 लाख युवाओं ने रोजगार के लिए पंजीकरण कराया, लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिला। साथ ही राज्य पर बढ़ते कर्ज और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। सभा में उन्होंने कहा कि बीजेपी बाहरी उम्मीदवारों को थोपकर स्थानीय पहचान को कमजोर कर रही है, जबकि महागठबंधन स्थानीय नेतृत्व और जनता के सम्मान की लड़ाई लड़ रहा है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने राहुल गांधी के संदेश को दोहराते हुए कहा कि नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान ही जीतेगी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे पहले मतदान करें और फिर जलपान करें, तथा कुनकी चौधरी को भारी मतों से विजयी बनाएं। मौके पर चुनावी जनसभा में झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह भी मौजूद थी।