एबीएन सेंट्रल डेस्क। 8 मार्च उत्तराखंड वाली रैली अब खुलेआम बीजेपी के चेहरे पर तमाचा मार चुकी है। अमित शाह स्टेज पर खड़े होकर बड़े जोश में भारत माता की जय का नारा लगवाने की कोशिश कर रहे थे, जैसे हर बार की तरह भीड़ ताली बजाकर जय चिल्ला देगी। भीड़ ने भारत माता की जय तो बोला लेकिन क्या हुआ? पूरी भीड़ ने एक साथ गरज कर जवाब दिया – UGC एक्ट वापस लो! UGC वापस लो!
शाह बार-बार कोशिश करते रहे – अरे भाई, उत्तराखंड वालों की आवाज़ क्या हो गई? हल्की-सी धमकी-भरी टोन में चुप करवाने की कोशिश की, लेकिन जनता ने साफ मना कर दिया। नारे नहीं रुके, बल्कि और तेज़ हो गए। मिला UGC रोल बैक का गुस्सा भरा जवाब।
यह कोई छोटी-मोटी घटना नहीं है – यह सामान्य वर्ग (जनरल कैटेगरी) का पहला बड़ा, खुला विद्रोह है बीजेपी के खिलाफ। सालों से वोट बैंक समझकर आरक्षण, कोटा, अब UGC के नए नियमों (2026) में इक्विटी कमेटी बनवाकर OBC/SC/ST को पावर देने की कोशिश की, तो जनरल कैटेगरी के लोग अब चुप नहीं बैठे। वे कह रहे हैं – मेरिट मारो मत, हमें बांटो मत, फाल्स केस से बचाओ!
देशभर में आग लग चुकी है – UP में सिर मुंडवाए जा रहे हैं, ब्लड से चिट्ठी लिखी जा रही है PM को, BJP के ही लोकल लीडर इस्तीफे दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दिया, लेकिन गुस्सा थम नहीं रहा। उत्तराखंड में अमित शाह के सामने जनता ने साफ बोल दिया – तुम्हारी सबका साथ वाली बात अब नहीं चलेगी, UGC काला कानून है, वापस लो!