पीएम ने एआई समिट को बताया शानदार
टी-20 वर्ल्ड कप का भी किया जिक्र
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 131वें एपिसोड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर बात की। पीएम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीकी प्रगति के बारे में कहा कि यह बदलते विश्व की पहचान है।
दिल्ली में आयोजित एआई समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस मंच पर भारत की तकनीकी क्षमता और इनोवेशन की ताकत दुनिया के सामने मजबूती से उभरकर आई है। यह अब तक की सबसे बड़ी एआई समिट थी, जिसमें युवाओं की जबरदस्त भागीदारी और उत्साह दिखा।
प्रधानमंत्री ने बताया कि एआई अब केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के दौरान वैश्विक नेताओं और टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों को इसकी मिसाल भी दिखाई गई। दुनिया ने देखा कि एआई के जरिए पशुओं की बीमारियों की पहचान और उपचार में मदद मिल रही है।
पीएम ने कहा, AI अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसान अब 24x7 एआई आधारित सिस्टम से अपने डेयरी फार्म और पशुधन की निगरानी कर पा रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ टेक्नोलॉजी और साइंस तक सीमित नहीं है। यह हम सबकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है।
पीएम ने कहा, किसान और डेयरी उत्पादक एआई का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे उत्पादन और प्रबंधन दोनों में सुधार हो रहा है। इस संदर्भ में अमूल के बूथ का खास तौर पर जिक्र होता है। अमूल ने एआई आधारित डेयरी प्रबंधन मॉडल से दुनिया भर के एक्सपर्ट्स को प्रभावित किया है।
AI सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी हो रहा इस्तेमाल
प्रधानमंत्री ने सांस्कृतिक क्षेत्र में एआई के उपयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राचीन ग्रंथों, पांडुलिपियों और पारंपरिक ज्ञान को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रखने की पहल ने कई देशों का ध्यान खींचा है।
एआई तकनीक के माध्यम से विरासत को नई पीढ़ी के लिए सुलभ और उपयोगी बनाया जा रहा है। पीएम ने कहा कि यह तकनीक संस्कृति और लोक कलाओं के संरक्षण में भी बड़ी भूमिका निभा रही है।
T-20 वर्ल्ड कप की भी पीएम ने की चर्चा
मन की बात कार्यक्रम में पीएम अक्सर ही खेलों और खिलाड़ियों की चर्चा करते हैं। प्रधानमंत्री ने ICC T20 World Cup का जिक्र करते हुए कहा कि इस टूर्नामेंट में भारतीय मूल के खिलाड़ियों का प्रदर्शन खासा प्रभावशाली रहा है।
खासकर कनाडा की टीम में कई भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं, जो अपने खेल से वैश्विक मंच पर पहचान बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारतीय प्रतिभा के वैश्विक पहचान का संकेत है।