स्कूलों-कॉलेजों के सिलेबस में होगा बड़ा बदलाव, आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत को एआई पावरहाउस बनाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों के सिलेबस में बदलाव किया जायेगा। एआई शिखर सम्मेलन के दौरान एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि हमारे स्कूलों और कॉलेजों को एआई तकनीक पर आधारित उपकरण उपलब्ध कराए जायेंगे ताकि वे समाधान तैयार कर सकें और इस तकनीक को सीख सकें।
आईटी मंत्री वैष्णव ने कहा कि सरकार का मानना है कि भारत की असली ताकत यहां की तकनीकी प्रतिभा है। निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर से भी ज्यादा जरूरी इस हुनर को निखारना है। उन्होंने आगे कहा कि पढ़ाई को केवल किताबों तक सीमित न रखकर प्रैक्टिकल नॉलेज पर केंद्रित किया जायेगा ताकि छात्र नई तकनीकी चीजों के लिए तैयार रहें। सरकार के शिखर सम्मेलन के संदेश में भी यही दृष्टिकोण झलकता है।
वैष्णव ने इंडियन इंस्टीट्यूट आफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी जैसे संस्थानों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ये संस्थान छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का खास लक्ष्य गांवों के युवाओं और शहरों के बीच के अंतर को खत्म करना है। इसका मकसद यह है कि ग्रामीण युवा अक टूल्स का इस्तेमाल करना सीखें, ताकि वे अपने गांवों में रहकर भी दुनिया स्तर के स्टार्टअप खड़े कर सकें।
भारत में टैलेंट की कमी नहीं : अश्विनी वैष्णव
आईटी मंत्री ने कहा कि भारत में टैलेंट की कमी नहीं है और आने वाले समय में यह और बढ़ेगी। युवाओं को बस अपनी स्किल्स को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से ढालना होगा। वैष्णव ने कहा कि एआई शिखर सम्मेलन के बाद सरकार एआई मिशन के अगले चरण पर तेजी से काम शुरू करेगी। यह मिशन ठीक वैसे ही चलेगा जैसे भारत ने सेमीकंडक्टर और टेलीकॉम के क्षेत्र में काम किया है। सरकार का लक्ष्य छात्रों को ऐसे एआई टूल्स और समाधान उपलब्ध कराना है, जिससे वे पढ़ाई के साथ-साथ खुद की नयी तकनीक और समाधान विकसित कर सकें।
दिल्ली में पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन
बता दें कि पीएम मोदी ने सोमवार यानी 16 फरवरी को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन किया था। यह सम्मेलन 20 फरवरी तक चलेगा। ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला यह पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन है, जिसकी मेजबानी भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय कर रहा है। इस समिट की थीम सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय है। इस सम्मेलन में 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हो रहे हैं।