किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं हुआ... टैरिफ डील पर सरकार के सूत्रों ने साफ की पूरी बात
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के साथ हाल ही में घोषित व्यापार समझौते को लेकर संसद के बाहर विपक्ष के प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार के सूत्रों ने साफ किया है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया है।
किसानों से जुड़े कृषि और डेयरी जैसे सभी संवेदनशील सेक्टर पहले की तरह पूरी तरह संरक्षित रहेंगे। सरकारी सूत्रों ने कहा कि विपक्ष का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है और यह समझौता भारत के आर्थिक हितों तथा निर्यात क्षमता को मजबूत करने वाला है।
- भारतीय किसानों के हितों पर कोई समझौता नहीं।
- संवेदनशील डेयरी और कृषि क्षेत्रों की रक्षा की जायेगी।
- भारत ऊर्जा खरीद में अपने नागरिकों को प्राथमिकता देना जारी रखेगा, बाजार मूल्य इसका निर्धारण करेंगे।
- भारत प्रतिबंधित संस्थाओं से ऊर्जा खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है।
- भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार अगले कुछ वर्षों में 500 अरब डॉलर की ओर 5 गुना बढ़ेगा।
- नये व्यापार समझौते से भारी आर्थिक लाभ प्राप्त होंगे।
कच्चे तेल की खरीद पर भी सरकार ने दी सफाई
सूत्रों ने बताया कि भारत पहले की तरह ही दुनिया के उन देशों से कच्चा तेल खरीदेगा, जहां से खरीदने पर कोई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध नहीं है। वेनेजुएला पर जब पाबंदी थी, भारत ने वहां से तेल नहीं खरीदा। अब पाबंदी हट चुकी है, इसलिए बाजार भाव (रेट) के आधार पर खरीद जारी रहेगी।
विपक्ष ने लगाया किसानों के हितों से समझौते का आरोप
संसद भवन के बाहर विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ टैरिफ डील में किसानों के हितों से समझौता किया गया है। सरकार ने किसानों, डेयरी सेक्टर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जोखिम में डाल दिया है। विपक्ष ने मांग की है कि सरकार संसद में डील की सभी शर्तों को पेश करे और यह स्पष्ट करे कि इसका कृषि क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
पीयूष गोयल टैरिफ डील के बारे में संसद में समझायेंगे
इस पर सरकार का कहना है कि कृषि डेयरी सेक्टर को किसी भी तरह का खतरा नहीं। संवेदनशील श्रेणियां पहले जैसी संरक्षित रहेंगी। यह डील भारत की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को मजबूत करेगी।