- ग्वालियर में संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में विशाल सत्संग
- किसान रत्न सम्मान का हुआ लाइव प्रसारण
एबीएन सेंट्रल डेस्क (ग्वालियर)। 21 दिसंबर 2025 को हिसार जिले के डाया गांव में भारतीय किसान यूनियन द्वारा किसानों के मसीहा कहे जाने वाले संत रामपाल जी महाराज जी को किसान रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस सम्मान समारोह का लाइव प्रसारण ग्वालियर जिले की भीतरवार तहसील स्थित कृष्णा मैरिज गार्डन में आयोजित एक दिवसीय विशाल जिला स्तरीय सत्संग में प्रोजेक्टर के माध्यम से किया गया। यह कार्यक्रम संत रामपाल जी महाराज जी के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुँचकर आयोजन की शोभा बढ़ाई।
सत्संग के दौरान संत रामपाल जी महाराज जी ने आए हुए श्रद्धालुओं को शास्त्रानुकूल भक्ति का ज्ञान कराया और यह भी बताया कि भाग्य से अधिक किसी को कुछ नहीं मिल सकता। जितना जिसकी किस्मत में लिखा है, उतना ही मिलेगा। भले ही इंसान बुराइयों का सहारा लेकर रिश्वत ले और अपने कर्म खराब करे, सब व्यर्थ ही रहेगा। संत रामपाल जी महाराज जी ने सत्संग में कबीर साहेब जी की वाणी का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया -
मासा घटे न तिल बढे, विधिना लिखे जो लेख।
सच्चा सतगुरु मेट के, ऊपर मार दे मेख।
अर्थात व्यक्ति के भाग्य में जो लिखा है, उसे कोई घटा या बढ़ा नहीं सकता। लेकिन पूर्ण सतगुरु की शरण में आकर साधक जब पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी की भक्ति करता है, तो परमात्मा अपने साधक के भाग्य में आने वाले दुखों को नष्ट कर देते हैं। सत्संग समापन के पश्चात भारतीय किसान यूनियन सहित 100 गांवों और 22 खाप पंचायतों द्वारा संत रामपाल जी महाराज जी को किसान रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित किसान यूनियन के अध्यक्ष चौधरी दिलबार सिंह हुड्डा सहित कई महान हस्तियों ने संत रामपाल जी महाराज जी के जनकल्याणकारी कार्यों की सराहना करते हुए गीतों, कविताओं और अपने शब्दों के माध्यम से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का अनुशासन विशेष रूप से सराहनीय रहा।
सभी श्रद्धालु सुव्यवस्थित ढंग से एक क्रम में बैठकर शांतिपूर्वक सत्संग श्रवण करते नजर आए। आयोजन स्थल पर स्वच्छता की उचित व्यवस्था रही और किसी भी प्रकार की भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। कई लोगों ने संत जी के ज्ञान से प्रभावित होकर नाम दीक्षा ग्रहण की और अपने जीवन को नई दिशा प्रदान की।