कमल सिंह लोधा
एबीएन सेंट्रल डेस्क (हरियाणा)। हिसार जिले का ऐतिहासिक गांव ढाया आगामी 21 दिसंबर 2025, रविवार को एक अभूतपूर्व सम्मान समारोह का गवाह बनने जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) ने भारी आपदा के समय किसानों और मजदूरों के लिए संकटमोचक बने संत रामपाल जी महाराज को प्रतिष्ठित किसान रत्न उपाधि से सम्मानित करने का विधिवत निर्णय लिया है।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष दिलबाग हुड्डा ने बताया कि पिछले दिनों भारी बारिश और बाढ़ के कारण जब किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थीं और गरीब परिवारों के मकान ढह गए थे, तब संत रामपाल जी महाराज ने जेल में होते हुए भी मानवता की अद्भुत सेवा की। उनके मार्गदर्शन में उनकी टीम ने प्रभावित गांवों में हजारों पाइप, मोटरें, दवाइयां और आर्थिक सहायता पहुँचाई। किसानों का कहना है कि जब सरकार और प्रशासन मदद करने में विफल रहे, तब संत जी ने ईश्वरीय दूत के रूप में उनकी सुध ली।
यह ऐतिहासिक कार्यक्रम रविवार सुबह 10:00 बजे गांव ढाया के राजकीय स्कूल परिसर में आयोजित किया जाएगा। इसमें हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से भारी संख्या में किसान संगठन और आम जनता भाग लेगी। कार्यक्रम में सत्संग, भजन-कीर्तन और किसान मसीहाओं के विचारों का आदान-प्रदान होगा।
यूनियन के पदाधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि संत रामपाल जी महाराज स्वयं एक किसान परिवार से संबंधित हैं, इसलिए वे धरातल की समस्याओं को भली-भांति समझते हैं। उनके द्वारा किए गए परोपकारी कार्यों, जैसे गरीबों के मकान बनवाना और स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करना, के कारण उन्हें समाज में भगवान जैसा दर्जा दिया जा रहा है।
इस सम्मान समारोह के माध्यम से किसान समाज उस निस्वार्थ सेवा का आभार प्रकट कर रहा है, जो संत रामपाल जी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में प्रदान की। गांव ढाया अब इस महाकुंभ के लिए पूरी तरह तैयार है, जहाँ एक संत के प्रति अटूट श्रद्धा और कृतज्ञता का संगम देखने को मिलेगा।