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चारों धर्मो के शास्त्र प्रमाणों से बतायी सत भक्ति, सत्संग में हुई परमात्मा की पहचान

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चारों धर्मो के शास्त्र प्रमाणों से बतायी सत भक्ति, सत्संग में हुई परमात्मा की पहचान
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  • चारों धर्मो के शास्त्र प्रमाणों से बतायी सत भक्ति, सत्संग में हुई परमात्मा की पहचान

एबीएन सेंट्रल डेस्क, विदिशा (ग्यारसपुर)। जिला विदिशा की ग्यारसपुर तहसील के ग्राम ओलिंजा में संत रामपाल जी महाराज का सत्संग एलसीडी के माध्यम से सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और शास्त्र आधारित आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया। सत्संग के दौरान संत रामपाल जी महाराज ने विभिन्न पवित्र शास्त्रों के प्रमाणों के माध्यम से सत भक्ति का महत्व स्पष्ट किया।

उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 8 श्लोक 16 का उल्लेख करते हुए बताया कि ब्रह्मलोक सहित सभी लोक नाशवान हैं। संत रामपाल जी महाराज ने तत्वदर्शी संत की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केवल तत्वदर्शी संत ही शास्त्र सम्मत भक्ति विधि बताते हैं, जिससे जीव का वास्तविक कल्याण और मोक्ष संभव होता है।

सत्संग में ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 86 मंत्र 26, अथर्ववेद कांड 4 अनुवाक 1 मंत्र 7 तथा यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 32 के आधार पर कबीर साहेब को अविनाशी, सतपुरुष और मोक्षदाता परमात्मा बताया गया। कार्यक्रम के समापन पर अनेक श्रद्धालुओं ने शास्त्रों में दिए गए प्रमाण स्वयं देखकर सत्य को समझा और कई लोगो ने नामदीक्षा ग्रहण कर भक्ति मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

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