दिल्ली धमाके के बाद अब भी सहमा पुराना दिल्ली इलाका, रोज कमाने-खाने वालों की टूटी कमर
एबीएन सेंट्रल डेस्क (नयी दिल्ली)। लाल किले के पास सोमवार शाम हुए धमाके के बाद पुरानी दिल्ली का दिल माने जाने वाला चांदनी चौक और उसके आसपास के इलाके बुधवार को भी सामान्य नहीं हो पाये। सुबह जब दुकानों के शटर खुले तो बाजारों में सिर्फ एक ही चर्चा थी—सोमवार का धमाका। कहीं डर का साया था, तो कहीं लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस की घेराबंदी और फोरेंसिक टीम बुधवार को भी घटनास्थल पर मौजूद रही। लाल किले और गौरी शंकर मंदिर के आसपास बुधवार सुबह माहौल सामान्य नहीं था। मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बेहद कम रही। दुकानें तो खुलीं, लेकिन ग्राहकों का आना-जाना लगभग न के बराबर रहा।
पास के फेरीवाले शेखर ने बताया कि मैं पास ही था जब ब्लास्ट हुआ। जोरदार धमाके के बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे। अब तो इलाके में काम ठप है। रोज फेरी लगाने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। उन्हें सैलरी नहीं मिलती, रोज की कमाई पर ही गुजारा होता है।
शेखर ने कहा कि बाजार खुलने के बावजूद ग्राहकों की कमी से कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस घटना में शामिल लोगों को सख्त सजा दे ताकि दोबारा कोई ऐसा हादसा न हो।
दिल्ली गेट के पास मजदूरी करने वाले बिमलेश ने भी अपनी परेशानी साझा की। उन्होंने कहा, यह इलाका भीड़भाड़ वाला है। लेकिन धमाके के बाद काम पूरी तरह ठप पड़ गया है। रोज की दिहाड़ी रुक गई है, जो सबसे बड़ा नुकसान है।
बाजार के व्यापारी संगठनों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और जल्द से जल्द माहौल सामान्य बनाया जाए, ताकि पुरानी दिल्ली फिर से अपने पुराने रौनक में लौट सके।