टीम एबीएन, गया। कोरोना की मार से एक बार फिर जिले के धार्मिक स्थल बंद हो गए। अनलॉक में 135 दिनों तक खुले रहने के बाद गुरुवार से मंदिर-मस्जिदों में ताले लटक गए। गुरुद्वारा व चर्च आदि के भी प्रवेश दरवाजे श्रद्धालुओं के बंद हो गए। सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सन्नाटा पसर गया है। राज्य सरकार के अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। गया के प्रसिद्व विष्णुपद और मां मंगलागौरी मंदिर में लटके ताले
गया के प्रसिद्ध महाबोधि, विष्णुपद और मां मंगलागौरी, बगला स्थान सहित अन्य मंदिर गुरुवार से बंद हो गए। मंदिरों में पुजारी ने देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर भोग लगाए। श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन पर आगे अगले तक रोक रहेगी। इसी तरह जामा मस्जिद, छत्ता मस्जिद, मुन्नी मस्जिद, पीरमंसूर, खानकाह मुनामिया सहित मस्जिद बंद हो गए। गुरुद्वारा और चर्चों में भी ताले लटक गए। सभी जगह सन्नाटा पसर गया। श्री विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शंभू लाल विट्ठल व सचिव गजाधर लाल पाठक ने बताया कि कोरोना को प्रशासनिक आदेश के अनुसार गुरुवार से श्रद्धालुओं और पिंडदानियों के लिए मंदिर के प्रवेश दरवाजे बंद कर दिए गए। समिति की ओर से प्रतिदिन नित्य पूजा, भोग और शृंगार आदि कार्यक्रम होंगे। जय मां मंगलागौरी प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंकर प्रसाद व सलाहकार बंटी सिंह ने बताया कि गुरुवार से मंदिर के गर्भगृह बंद कर दिए। कुछ लोग आए तो बाहर से मत्था टेक लौट गए। अगले आदेश तक सिर्फ पुजारी ही तीनों पहर की पूजा करेंगे।पौष पितृपक्ष को लेकर गंगा सागर जाने वाले तीर्थयात्री पिंडदान के लिए गयााधाम आए हुए हैं। अगले दो-तीन दिनों में इन पिंडदानियों के यहां लौट जाने के बाद विष्णुपद इलाके में सन्नाटा पसर जाएगा। विष्णुपद मंदिर बंद हो जाने के बाद संभावना है कि पिंडदानियों का जत्था गयाधाम नहीं आएगा। मां मंगलागौरी, बगला स्थान सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में गुरुवार से सन्नाटा पसर गया। इधर, विष्णुपद बंद हो जाने से सैकड़ों गयापाल, दुकानदार और आचार्य चिंतित हो गए हैं। पिंडदानियों के नहीं आने के बाद सभी की आमदनी रुक जाएगी। कोरोना के कारण कई बार धार्मिक स्थल बंद हुए। इस बार की बंदी से पहले 2021 के अप्रैल के पहले पखवारे में मंदिर-मस्जिदों में ताले लटके थे। करीब चार माह बंद रहे। कोरोना के कारण 136 दिन बंद रहने के बाद 26 अगस्त 2021 को अनलॉक-6 में धार्मिक स्थल खुले। अब 135 दिन खुले रहने के बाद 6 जनवरी 2022 से एक बार फिर मंदिर, मस्जिद, चर्च व गुरुद्वारे आदि में ताले लटक गए।