एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। आज दिनांक 31 जुलाई 2025 को प्रातः 9:05 बजे राष्ट्र सेविका समिति की चतुर्थ प्रमुख संचालिका, वंदनीया प्रमिला ताई मेढ़े जी का 97 वर्ष की आयु में दुखद निधन हो गया। अंतिम श्वास तक राष्ट्रकार्य की चिंता करने वाली प्रमिला ताई का जीवन राष्ट्रभक्ति, मातृशक्ति जागरण और तपश्चर्या का अनूठा उदाहरण रहा।
उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनका देहदान 1 अगस्त 2025 को प्रातः 8 बजे एम्स को किया जाएगा। 1965 से वे देवी अहल्या मंदिर, नागपुर में निवास कर रहीं थीं, वहीं उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन हेतु रखा गया है।
प्रमिला ताई मेढ़े का जन्म महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में हुआ था। बाल्यकाल से ही वे राष्ट्र सेविका समिति के संपर्क में आईं और वंदनीया लक्ष्मीबाई केलकर (मौसी जी) के सान्निध्य में राष्ट्र कार्य व स्त्री शक्ति संगठन के सूत्रों को समझा।
शैक्षणिक और सेवा भावना से समर्पित जीवन
स्नातक शिक्षा एवं शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात उन्होंने नागपुर के सी.पी. एंड बरार उच्च माध्यमिक विद्यालय में अध्यापन किया। तत्पश्चात सरकारी सेवा में वरिष्ठ अंकेक्षक के रूप में कार्यरत रहीं। किंतु राष्ट्र कार्य हेतु उन्होंने सेवा निवृत्ति से 12 वर्ष पूर्व ही स्वैच्छिक अवकाश ले लिया।
समिति में शाखा से लेकर अखिल भारतीय स्तर तक विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए उन्होंने 1978 से 2003 तक 25 वर्षों तक अ.भा. प्रमुख कार्यवाहिका के रूप में कार्य किया। विदेशों में भी उन्होंने समिति के विचार एवं कार्य का प्रचार-प्रसार किया।
झारखंड से विशेष संबंध
वर्ष 1987 में पहली बार झारखंड के पतरातु में पाँच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान उनका प्रवास हुआ। इसके पश्चात उनका सतत् प्रवास झारखंड के विभिन्न स्थानों पर होता रहा, जिससे इस क्षेत्र को उनका स्नेहिल सान्निध्य और मार्गदर्शन निरंतर प्राप्त होता रहा। उनका नेतृत्व झारखंड के संगठनात्मक विकास में भी प्रेरणास्रोत बना।
सम्मान व राष्ट्र जागरण का कार्य
उनके सामाजिक जागरण के कार्यों को अमेरिका में विशेष सराहना मिली और न्यूजर्सी शहर के महापौर द्वारा उन्हें "मानद नागरिकता प्रदान की गई।
भारत परिक्रमा
मौसी जी के जन्मशताब्दी वर्ष में उन्होंने 2003-2004 में 266 दिन की भारत यात्रा कर लगभग 28,000 किमी की यात्रा की और संपूर्ण देश में मातृशक्ति जागरण का संदेश फैलाया।
वर्तमान प्रमुख संचालिका वंदनीया वी. शांता कुमारी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने देवी अहिल्या मंदिर पहुंचकर वंदनीया प्रमिला ताई मेढ़े जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रमिलाताई का जीवन, कार्य और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।