9 आतंकी ठिकानों पर 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गये : आपरेशन सिंदूर पर सेना का आया बयान
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत द्वारा हाल ही में किये गये आपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान के साथ तनाव को लेकर एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गयी। कॉन्फ्रेंस की शुरुआत शिवतांडव की धुन से हुई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय थल सेना के महानिदेशक सैन्य अभियान लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, भारतीय वायु सेना के महानिदेशक वायु अभियान एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती और भारतीय नौसेना के महानिदेशक नौसेना अभियान वाइस एडमिरल एएन प्रमोद शामिल हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय थल सेना के महानिदेशक सैन्य अभियान लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि आॅपरेशन सिंदूर का उद्देश्य केवल आतंकियों का खात्मा था। उन्होंने बताया कि इस अभियान में 100 आतंकवादी मारे गए और उनके ठिकानों को नष्ट करने के प्रमाण भी प्रस्तुत किए गये। लेफ्टिनेंट जनरल घई ने यह भी बताया कि मुदस्सर खार, हाफिज जमील और यूसुफ अजहर जैसे तीन प्रमुख आतंकियों को इस कार्रवाई में ढेर किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय थल सेना के महानिदेशक सैन्य अभियान लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि आॅपरेशन सिंदूर की योजना पहलगाम में भारतीय नागरिकों पर हुए हमले के बाद बनायी गयी। इस आॅपरेशन का स्पष्ट सैन्य उद्देश्य आतंकवादियों और उनके ठिकानों को तबाह करना था। उन्होंने बताया कि भारतीय एजेंसियों ने सीमा पार आतंकी कैंपों की गहराई से पहचान की, जिनमें से कई ठिकाने पहले ही खाली कर दिए गए थे।
हालांकि, नौ ऐसे ठिकाने मिले जिन्हें सक्रिय माना गया। इनमें से कुछ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और कुछ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित थे, जैसे मुरीदके, जो कसाब और डेविड हेडली जैसे आतंकियों से जुड़ा रहा है। जनरल घई ने बताया कि इस आॅपरेशन में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद जैसे हाई वैल्यू टारगेट शामिल हैं। ये आतंकी कउ 814 हाइजैक और पुलवामा हमले से जुड़े थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय वायु सेना के महानिदेशक वायु अभियान एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि हालात कठिन हैं, हम यह प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करना चाहते थे, लेकिन यह जरूरी हो गया था। भारतीय वायुसेना ने मुरीदके और बहावलपुर जैसे आतंकी ठिकानों पर हमला किया। ये दोनों स्थान अंतरराष्ट्रीय सीमा से काफी अंदर थे, इसलिए इन्हें चुनना रणनीतिक रूप से अहम था। कअऋ ने सटीक हमलों के लिए सैटेलाइट और इंटेलिजेंस आधारित टार्गेटिंग और प्रिसिशन म्यूनिशन का इस्तेमाल किया।
भारतीय वायुसेना के डायरेक्टर जनरल एयर आपरेशंस एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने बताया कि वायुसेना ने बेहद सतर्कता के साथ केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया और किसी भी नागरिक को नुकसान नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि पूरी योजना इस तरह तैयार की गई थी कि हमले केवल आतंकी कैंपों पर सटीक रूप से केंद्रित रहें।
वहीं, डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि पाकिस्तान ने हाल ही में भारतीय सैन्य अड्डों पर हमले की कई कोशिशें कीं, लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकतर खतरों को समय रहते नाकाम कर दिया। इन हमलों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था।
एयर मार्शल एके भारती ने बताया कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के मुरिदके में स्थित आतंकी शिविर को मिसाइल हमले में पूरी तरह तबाह कर दिया। यह वही क्षेत्र है जिसे लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद का गढ़ माना जाता है।