एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दोहराया है कि आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के मुद्दे पर वह केंद्र सरकार के साथ हैं।
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह बात कही। वह स्थिति का जायजा लेने के लिए मुर्शिदाबाद के दौरे पर हैं।
उन्होंने 11 और 12 अप्रैल को वक्फ विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रभावित लोगों से भी बात की। सुश्री बनर्जी बरहामपुर में रुककर एक प्रशासनिक बैठक करेंगी। वह लोगों से मिलने के लिए मंगलवार को धुलियान और सुती भी जायेंगी।
उन्होंने कहा, हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि हमारी पार्टी (तृणमूल कांग्रेस) आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार के साथ है। हम यहां फूट डालो और राज करो की नीति नहीं अपना रहे हैं। सुश्री बनर्जी ने कहा, मैं मुर्शिदाबाद पहले भी जा सकती थी, लेकिन अगर वहां शांति और स्थिरता नहीं है, तो हमें वहां जाकर अशांति नहीं फैलानी चाहिए।
आज मैं वहां जा रही हूं, क्योंकि वहां अब स्थिरता है। मैं बरहामपुर पहुंचकर समीक्षा बैठक करूंगी। कल मैं धुलियान जाऊंगी और जिन लोगों के घर और दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन्हें जरूरी मुआवजा प्रदान करूंगी।
गौरतलब है कि सड़क मार्ग से मुर्शिदाबाद की सुश्री बनर्जी की यात्रा सीमावर्ती जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध के दौरान सांप्रदायिक हिंसा के लगभग तीन सप्ताह बाद हुई है। यह विरोध प्रदर्शन 11 अप्रैल को हिंसक हो गया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हो गये। इस दौरान बड़े पैमाने पर लोग विस्थापित भी हुए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वह सड़क मार्ग से ही आगे की यात्रा करेंगी, क्योंकि खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर से यात्रा करना खतरनाक होगा। इधर, दीघा जगन्नाथ मंदिर विवाद पर उन्होंने कहा कि वह पुरी के मंदिर और जगन्नाथ धाम का सम्मान करती हैं।
उन्होंने कहा, हम पुरी के मंदिर का सम्मान करते हैं और हम जगन्नाथ धाम का भी सम्मान करते हैं। काली मंदिर और गुरुद्वारा पूरे देश में हर जगह हैं। मंदिर वहां और हर जगह हैं। फिर इस मुद्दे पर इतना गुस्सा क्यों है। गौरतलब है कि सुश्री बनर्जी 30 अप्रैल को दीघा में जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन के दौरान मौजूद थीं।