मणिपुर में लगा राष्ट्रपति शासन, हाल ही में सीएम बीरेन सिंह ने दिया था इस्तीफा
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला केंद्र सरकार ने लिया है। गौरतलब है कि हाल ही में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने पद से इस्तीफा दे दिया था। बताते चलें कि मणिपुर में पिछले 2 साल से जातिगत हिंसा में सैकड़ों लोगों की मौत के कारण लंबे समय से मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही थी।
एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद इस बात की चर्चा थी कि बीजेपी की तरफ से किसी अन्य विधायक को सीएम का पद दिया जा सकता है। बीजेपी प्रभारी संबित पात्रा ने राज्यपाल से मुलाकात भी की थी। हालांकि बाद में राज्यपाल के प्रस्ताव पर राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला लिया गया है।
कैसे लगता है राष्ट्रपति शासन
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 के अनुसार, राष्ट्रपति किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन की घोषणा कर सकते हैं, यदि उन्हें विश्वास हो कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है जिसमें राज्य का शासन संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता।
राष्ट्रपति शासन की क्या है प्रक्रिया
राष्ट्रपति शासन के लिए राज्यपाल की तरफ से केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजा जाता है। राज्यपाल की रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की तरफ से सिफारिश की जाती है। राष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्रिमंडल की सलाह पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने का निर्णय लेते हैं। राष्ट्रपति शासन 6 महीने के लिए लागू होता है। इसे संसद की दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) से मंजूरी लेनी पड़ती है। संसद की मंजूरी मिलने के बाद इसे एक साल तक बढ़ाया जा सकता है।